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AI ने लड़की को दी दवा की खुराक कम करने की सलाह, हो गई मौत, परिवार ने ChatGPT पर ठोका मुकदमा | Family Sues OpenAI After Seattle Engineer Death Alleges ChatGPT Encouraged Reduction of Epilepsy Medication



अमेरिका के सिएटल में रहने वाली 31 साल की सॉफ्टवेयर इंजीनियर बोवेन वान की मौत के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि मिर्गी से पीड़ित बोवेन को ChatGPT ने दवा की खुराक कम करने के लिए प्रोत्साहित किया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई. परिवार ने इस मामले में OpenAI और उसके सीईओ सैम ऑल्टमैन के खिलाफ मुकदमा दायर किया है.

पिता से बात करते समय पड़ा दौरा

रिपोर्ट के अनुसार, बोवेन वान अपने पिता से फोन पर बात कर रही थीं. बातचीत के दौरान वह अचानक चुप हो गईं. उनके पिता को लगा कि उन्हें मिर्गी का दौरा पड़ा है. इस बार दौरा सामान्य से ज्यादा देर तक चला. होश में आने के बाद बोवेन ने कहा कि वह आराम करेंगी और बाद में बात करेंगी. कुछ दिनों बाद उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया. इसके बाद चीन में रह रहे उनके माता-पिता ने किसी को उनके सिएटल स्थित अपार्टमेंट में भेजा. वीडियो कॉल के जरिए उन्होंने देखा कि उनकी बेटी मृत पाई गई.

SUDEP बना मौत की वजह

जांच में मौत का कारण SUDEP बताया गया. यह मिर्गी के मरीजों में होने वाली एक दुर्लभ लेकिन गंभीर स्थिति है, जिसमें बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक मौत हो सकती है परिवार का कहना है कि बोवेन पिछले 10 साल से ज्यादा समय से दवाओं की मदद से अपनी बीमारी को नियंत्रित कर रही थीं और उनकी हालत स्थिर थी.

ChatGPT पर बढ़ती गई निर्भरता

परिवार के मुताबिक, बोवेन ने 2023 में ChatGPT का इस्तेमाल शुरू किया था. शुरुआत में वह रिश्तों, बीमा और विकलांगता लाभ जैसी चीजों पर सलाह लेती थीं. धीरे-धीरे ChatGPT के साथ उनकी बातचीत बढ़ती गई. बताया गया है कि 2025 तक वह हर हफ्ते औसतन 1,500 संदेश ChatGPT को भेज रही थीं. मार्च 2025 में उन्होंने कथित तौर पर लिखा था कि उन्हें ChatGPT एक दोस्त जैसा लगने लगा है.

नौकरी जाने के बाद बढ़ा तनाव

नवंबर 2025 में अमेजन से नौकरी जाने के बाद बोवेन नई नौकरी की तलाश में थीं. इसी दौरान वह एक नई मिर्गी-रोधी दवा ले रही थीं. उनका मानना था कि इस दवा की वजह से उनकी सोचने और बोलने की क्षमता प्रभावित हो रही है. उन्होंने कथित तौर पर ChatGPT से पूछा था कि क्या दवा की खुराक कम करने से उनकी भाषा और सोचने की क्षमता बेहतर हो सकती है, जिससे नौकरी के इंटरव्यू में मदद मिल सके.

दवा की खुराक कम करने को लेकर विवाद

परिवार की ओर से पेश किए गए चैट रिकॉर्ड के अनुसार, जनवरी 2026 में बोवेन ने अपनी दवा की खुराक 400 मिलीग्राम से कम करने को लेकर सलाह मांगी थी. मुकदमे में दावा किया गया है कि शुरुआत में AI ने डॉक्टर से सलाह लेने की बात कही, लेकिन बाद में कथित तौर पर खुराक कम करने की योजना बनाने में मदद की और डॉक्टर पर पूरी तरह निर्भर न रहने के लिए उनकी तारीफ भी की. परिवार का आरोप है कि कुछ ही हफ्तों में दवा की खुराक काफी कम कर दी गई. इसके बाद बोवेन ने कई बार उलझन, याददाश्त की समस्या और दूसरे लक्षणों की शिकायत की, लेकिन उन्हें पर्याप्त चेतावनी नहीं दी गई.

डॉक्टर ने बताया खतरनाक फैसला

बोवेन के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. निकोलस पूलॉस का कहना है कि अगर कोई दवा मरीज की बीमारी को नियंत्रित कर रही है, तो बिना डॉक्टर की निगरानी के उसकी खुराक कम करना उचित नहीं माना जाता.

परिवार के वकीलों का कहना है कि बोवेन ने AI पर भरोसा किया और उसी भरोसे की भारी कीमत चुकाई। उनका आरोप है कि AI चैटबॉट ने उनके इलाज से जुड़े फैसलों को प्रभावित किया और जरूरी सुरक्षा चेतावनियां नहीं दीं.

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