धर्म

Bhaumvati Amavasya 2026: क्यों खास है ये भौमवती अमावस्या ? पुण्य पाने के लिए शाम को जरुर करें ये खास काम


Bhaumvati Amavasya 2026: आज भौमवती अमावस्या है. मंगलवार को जब अमावस्या पड़ती है तो उसे भौमवती अमावस्या कहा जाता है. ये दिन न सिर्फ पितरों के तर्पण, दान और पूजन के लिए खास है बल्कि अमावस्या पर जो हनुमान जी की पूजा करता है उसके जन्मों जन्मांतर के कष्ट दूर हो जाते हैं.

तमाम सुखों का जीवन में आगमन होता है. ये भौमवती अमावस्या बहुत खास मानी जा रही है, क्या है इसका महत्व और इस दिन सुबह से लेकर रात्रि काल तक क्या कार्य करने पर सुखों की प्राप्ति होती है जान लें.

क्यों खास है ये भौमवती अमावस्या

प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और वृंदावन स्थित श्री मलूक पीठ के वर्तमान पीठाधीश्वर श्री राजेंद्र दास जी के अनुसार हजारों सोमवती अमावस्या से बढ़कर भौमवती अमावस्या मानी गई है. भौमवती अमावस्या के दिन जो सुबह के समय गंगा स्नान करता है उसका अनंत फल मिलता है (जिसका कभी अंत नहीं होता)

भौमवती अमावस्या पर सुबह से रात्रि तक क्या करें

सुबह 4 – सुबह 5 बजे के बीच

ये ब्रह्म मुहूर्त है, इसमें गंगा स्नान करने पर न सिर्फ जाने-अनजाने में किए गए पापों का क्षय होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है.

सुबह 6 – सुबह 9.30 बजे के बीच

अगर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान न कर पाएं तो इस समय तक स्नान कर लें. फिर  हनुमान मंदिर जाकर सिंदूर और चमेली का तेल मिलाकर चोला चढ़ाएं. भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें. शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और अक्षत अर्पित करें. पीपल की कम से कम 7 या 11 परिक्रमा करें.भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की भी पूजा करें.

पूर्वाह्न (9:00 से 11:30 बजे)

पितरों के निमित्त तिल मिश्रित जल से तर्पण करें. किसी जरूरतमंद को भोजन, फल या वस्त्र दान करें. विष्णु सहस्रनाम, शिव चालीसा या हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ रहेगा.

शाम (5:00 से 7:00 बजे)

पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. ॐ पितृभ्यः नमः” का 108 बार जाप करें.

रात्रि (7:00 से 9:00 बजे)

घर के मंदिर में घी का दीपक जलाएं. ईशान कोण में एक दीपक रखें. नदी, तालाब में दीपदान करें. 

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 





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