खबर

धान छोड़ अदरक-फूलों की खेती से मालामाल हो रहे किसान! छत्तीसगढ़ में क्यों बदल रही कृषि की तस्वीर | Farmers Success Story Marigold farming Adrak ki Kheti Chhattisgarh Dhan Kisan Shift From Paddy to Ginger Flower Cash Crops Climate Change


छत्तीसगढ़ को लंबे समय से देश का “धान का कटोरा” कहा जाता रहा है, लेकिन अब प्रदेश के कई किसान पारंपरिक धान खेती से आगे बढ़कर नगदी फसलों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं. जलवायु परिवर्तन, अनियमित बारिश, घटते जल संसाधन और बाजार में बेहतर कीमतों की तलाश ने कृषि की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है. सरगुजा से लेकर राजनांदगांव तक किसान अदरक, गेंदा फूल, सब्जियां और अन्य लाभकारी फसलें उगाकर अपनी आय बढ़ा रहे हैं. इन फसलों में कम पानी की जरूरत, बेहतर बाजार और अधिक मुनाफा मिलने से किसानों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है. फसल विविधीकरण अब केवल प्रयोग नहीं, बल्कि किसानों की आर्थिक मजबूती का नया आधार बनता जा रहा है.

धान का कटोरा अब बदल रहा है खेती का मॉडल

छत्तीसगढ़ की पहचान वर्षों से धान उत्पादन के लिए रही है. प्रदेश के अधिकांश किसान खरीफ सीजन में धान पर निर्भर रहते थे, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं. बारिश के पैटर्न में बदलाव, सूखे और बेमौसम वर्षा जैसी चुनौतियों ने किसानों को नई राह तलाशने के लिए प्रेरित किया है. इसके साथ ही बाजार में धान की सीमित कमाई की तुलना में नगदी फसलें कहीं अधिक लाभ दे रही हैं. यही कारण है कि किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ वैकल्पिक और लाभकारी फसलों को अपना रहे हैं.

Farmers Success Story: अदरक की खेती करने वाले किसान

Farmers Success Story: अदरक की खेती करने वाले किसान

अदरक की खेती से बदल गई किसान अमित सिंह की तस्वीर

सरगुजा जिले के ग्राम दरिमा के किसान अमित कुमार सिंह इसकी बड़ी मिसाल बनकर सामने आए हैं. उन्होंने कृषि विभाग के मार्गदर्शन में धान के बजाय अदरक की खेती शुरू की. पहले ही वर्ष उन्हें एक एकड़ में लगभग पांच लाख रुपये की आय प्राप्त हुई. अमित बताते हैं कि बाजार की स्थिति अनुकूल होने पर अदरक की खेती से प्रति एकड़ 10 लाख रुपये तक की आमदनी संभव है. बेहतर परिणाम मिलने के बाद उन्होंने इस वर्ष खेती का रकबा भी बढ़ा दिया है. उनके अनुसार वैज्ञानिक तरीके से मेड़ बनाकर की गई खेती ने उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार किया है.

Farmers Success Story: अदरक की खेती

Farmers Success Story: अदरक की खेती

गेंदा फूल ने दिखाई नई राह

राजनांदगांव जिले के ग्राम जंगलेश्वर के किसान वीरेंद्र कुमार साहू ने भी खेती में बड़ा बदलाव किया है. करीब 20 एकड़ भूमि वाले वीरेंद्र पहले मुख्य रूप से धान की खेती करते थे. लेकिन पिछले वर्षों में कम बारिश और बेमौसम मौसम ने उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया. इसके बाद उन्होंने अपनी जमीन के एक हिस्से में गेंदा फूल की खेती शुरू की. वीरेंद्र का कहना है कि गेंदा फूल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सालभर बनी रहने वाली मांग है. धार्मिक कार्यक्रमों, विवाह समारोहों और सामाजिक आयोजनों में इसकी लगातार जरूरत रहती है. इसके अलावा दुर्ग और आसपास के बड़े बाजारों में इसकी अच्छी बिक्री होती है.

Farmers Success Story: गेंदे की खेती करने वाले किसान

Farmers Success Story: गेंदे की खेती करने वाले किसान

कम पानी और अधिक मुनाफा बना सबसे बड़ा कारण

किसानों के अनुसार धान की खेती में पानी की जरूरत बहुत अधिक होती है. जल स्तर में गिरावट और अनिश्चित बारिश के कारण धान उत्पादन का जोखिम बढ़ा है. दूसरी ओर अदरक, फूल और कई सब्जियां अपेक्षाकृत कम पानी में बेहतर उत्पादन देती हैं. इन फसलों का बाजार मूल्य भी धान की तुलना में अधिक होता है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होती है.

Farmers Success Story: गेंदे की खेती से मिले फूल

Farmers Success Story: गेंदे की खेती से मिले फूल

फसल विविधीकरण से बढ़ रही आर्थिक सुरक्षा

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल एक फसल पर निर्भर रहना अब जोखिम भरा होता जा रहा है. फसल विविधीकरण किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है. यदि किसी कारण एक फसल प्रभावित होती है तो दूसरी फसल से नुकसान की भरपाई की जा सकती है. यही वजह है कि कृषि विभाग भी किसानों को अदरक, फूल, मसाला और बागवानी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रहा है.

Farmers Success Story: कम पानी वाली आधुनिक तकनीक के साथ सफल खेती

Farmers Success Story: कम पानी वाली आधुनिक तकनीक के साथ सफल खेती

कृषि विभाग बना किसानों का सहयोगी

किसानों ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा किसानों को प्रशिक्षण, मृदा परीक्षण और वैज्ञानिक खेती की जानकारी दी जा रही है. अमित सिंह और वीरेंद्र साहू जैसे किसान मानते हैं कि विभागीय मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीकों ने उन्हें नई फसलें अपनाने का आत्मविश्वास दिया. इससे न केवल उत्पादन बढ़ा बल्कि बाजार की जानकारी और बेहतर प्रबंधन भी संभव हुआ.

जलवायु परिवर्तन के दौर में नई खेती की जरूरत

आज खेती केवल उत्पादन का विषय नहीं रह गई है. जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए खेती को परिस्थितियों के अनुरूप ढालना आवश्यक हो गया है. कम पानी वाली और अधिक आय देने वाली फसलें किसानों को भविष्य की चुनौतियों से निपटने में मदद कर सकती हैं.

यह भी पढ़ें : बैंगन की खेती से किसान हुआ मालामाल, जानिए कटनी के संतोष ने कैसे किया ये कमाल

यह भी पढ़ें : Paan Ki Kheti: यहां के बंगला पान की है देश भर में पहचान! जानिए किन समस्याओं से जूझ रहे हैं किसान

यह भी पढ़ें : 50 साल से लगातार बिजली दे रहा अनोखा ट्रांसफार्मर: तय उम्र से दोगुनी सेवा, स्वदेशी ताकत का कमाल

यह भी पढ़ें : कौन हैं रागिनी साहू? इंटरनेशनल मून मिशन शक्तिसैट के लिए चुनी गईं छत्तीसगढ़ की इकलौती छात्रा, कैसे किया कमाल





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button