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अमीर देश कितना कमाते हैं? ‘विकसित’ बनने के लिए भारत को कितना कमाना होगा? | how-much-india-need-to-earn-to-become-developed-country-2047



नई दिल्ली:

भारत ने 2047 तक खुद को ‘विकसित’ देशों की लिस्ट में लाने का लक्ष्य रखा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार 2022 के 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने का संकल्प रखा था. तब उन्होंने युवाओं से कहा था- ‘जब देश आजादी के 100 साल मनाएगा, आप 50-55 साल के हो जाएंगे. इसलिए हम सब पूरी ताकत से लग जाते हैं. महासंकल्प लीजिए कि मेरा देश विकसित देश होगा.’ 

उसके बाद से मोदी सरकार लगातार 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है. 2047 आने में अब 21 साल बाकी है और सवाल उठता है कि क्या असल में ‘विकसित’ होने के लिए भारत को कितना कमाना होगा? क्योंकि कोई देश विकसित है या नहीं? ये उसकी आर्थिक सेहत पर निर्भर करता है.

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, अभी दुनियाभर में सिर्फ 37 देश ही ‘विकसित देश’ हैं. इसमें से 31 देश सिर्फ यूरोप में हैं. एशिया में सिर्फ दो ही देश हैं, जिन्हें विकसित माना जाता है. वे हैं- साउथ कोरिया और जापान.

क्या है विकसित देश का पैमाना?

विकसित देश वह होता है जहां की अर्थव्यवस्था बड़ी हो. लोगों के पास नौकरियां हों. लोगों की अच्छी कमाई हो. इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो. 

भारत की अर्थव्यवस्था तो बड़ी है लेकिन यहां की आबादी इतनी है कि प्रति व्यक्ति कमाई के मामले में कई देशों से पिछड़ जाता है. वर्ल्ड बैंक ने कई सालों से भारत को ‘लोअर मिडिल इनकम’ वाले देशों की लिस्ट में रखा है.

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भारत अभी कहां खड़ा है?

वर्ल्ड बैंक प्रति व्यक्ति कमाई के हिसाब से देशों को 4 कैटेगरी में बांटता है. पहली- लो इनकम यानी जहां प्रति व्यक्ति आय 1,175 डॉलर से कम हो. दूसरी- लोअर मिडिल इनकम जहां प्रति व्यक्ति आय 1,176 से 4,635 डॉलर के बीच हो. तीसरी- अपर मिडिल इनकम जहां प्रति व्यक्ति आय 4,636 से 14,375 डॉलर के बीच हो. और आखिरी- हाई इनकम यानी ऐसे जहां प्रति व्यक्ति आय 14,375 डॉलर से ज्यादा है.

भारत अभी लोअर मिडिल इनकम वाले देशों में गिना जाता है. वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, भारत की सालाना प्रति व्यक्ति आय 2,760 डॉलर यानी लगभग 2.63 लाख रुपये है. इस हिसाब से देखा जाए तो एक भारतीय हर महीने औसतन 21 से 22 हजार रुपये ही कमा रहा है.

भारत के आंकड़े भी प्रति व्यक्ति आय इतनी ही बताते हैं. आर्थिक सर्वे के मुताबिक, 2025-26 में भारत में प्रति व्यक्ति आय 2.19 लाख रुपये थी. इस हिसाब से तो महीने की कमाई 18,297 रुपये होती है.

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भारत को कितना कमाना होगा?

भारत अभी लोअर मिडिल इनकम देशों में आता है. हाई इनकम कैटेगरी में जो देश आते हैं, वे सभी विकसित हैं. अगर भारत को भी लोअर मिडिल इनकम से हाई इनकम में आना है तो आज के हिसाब से प्रति व्यक्ति आय 14,375 डॉलर होनी चाहिए. भारतीय करंसी के हिसाब से ये 13.70 लाख रुपये होती है. लेकिन ये भी ध्यान रखना जरूरी है कि हाई इनकम का ये आंकड़ा हर साल बदलता रहता है.

जबकि, आज के समय में बहुत कम लोग हैं जो सालाना इतना कमा पाते हैं. ITR के आंकड़ों के मुताबिक, 20% से भी कम टैक्सपेयर्स हैं, जिनकी सालाना कमाई 10 लाख रुपये से ज्यादा है. 

अभी भारत की आबादी 1.4 अरब है और इतनी ही आबादी में अगर भारत में प्रति व्यक्ति आय को 14 हजार डॉलर से ज्यादा पहुंचानी है तो जीडीपी 20 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा होनी चाहिए. आज के समय में भारत की जीडीपी 4 ट्रिलियन डॉलर है. यानी, हाई इनकम वाले देशों की कैटेगरी में पहुंचने के लिए जीडीपी 5 गुना और बढ़ानी होगी.

पिछले साल के आर्थिक सर्वे में कहा गया था कि विकसित भारत बनने के लिए अगले 20 साल तक हर साल 8 फीसदी की जीडीपी ग्रोथ रेट हासिल करनी होगी. 

भारत कई सालों से तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बना हुआ है. हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें भारत को फिर से सबसे ज्यादा ग्रोथ करने वाली अर्थव्यवस्था बताया है. 2026 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.4 फीसदी और 2027 में 6.7 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान है.

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