

Yamuna Authority Bulldozer Action: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अलीगढ़ जिले के टप्पल क्षेत्र में व्यापक ध्वस्तीकरण अभियान चलाया. प्राधिकरण की इस कार्रवाई से अवैध तरीके से विकसित की जा रही कॉलोनियों में हड़कंप मच गया. अधिकारियों के अनुसार अभियान के दौरान करीब डेढ़ लाख वर्ग मीटर जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 450 करोड़ रुपये है.
कई अवैध कॉलोनियों पर चला बुल्डोजर
प्राधिकरण की टीम ने ग्राम मरोरगढ़ी और आसपास के गांवों में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों को निशाना बनाया. इस दौरान हरित वाटिका मरोरगढ़ी सहित कई अन्य अवैध कॉलोनियों में बने निर्माणों को बुल्डोजर से ध्वस्त कर दिया गया. अधिकारियों का कहना है कि यह जमीन बिना वैधानिक अनुमति के प्लॉटिंग और कॉलोनी विकास के लिए इस्तेमाल की जा रही थी. कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे ताकि अभियान शांतिपूर्ण और प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सके.
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
यह अभियान यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर चलाया गया. अभियान का नेतृत्व विशेष कार्याधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने किया. उनके साथ उप जिलाधिकारी अभिषेक शाही, तहसीलदार मनोज कुमार सिंह, प्राधिकरण के परियोजना विभाग के अधिकारी और अलीगढ़ पुलिस प्रशासन की टीम भी मौजूद रही. अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण कर अवैध निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया पूरी कराई.
लोगों को दी गई अहम चेतावनी
प्राधिकरण ने साफ कहा है कि अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा. साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी भूखंड या संपत्ति को खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच जरूर करें. बिना प्राधिकरण की स्वीकृति वाली कॉलोनियों में निवेश करने से भविष्य में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि नियोजित विकास को बढ़ावा दिया जा सके और अवैध कब्जों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके.
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