

कई लोगों को मन में जरूर ये सवाल आता होगा कि क्या पाकिस्तान में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) की तरह कोई संस्थान हैं. दरअसल भारत में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) का नाम सबसे ऊपर आता है. जो भी लोग इंजीनियरिंग से जुड़े कोर्स करना चाहते हैं, दाखिला लेने के लिए उनकी पहली पसंद IIT के कॉलेज होते हैं. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान उच्च गुणवत्ता वाली पढ़ाई और शानदार प्लेसमेंट देती है. जिसके कारण ही इसे दुनिया के टॉप तकनीकी संस्थानों में गिने जाता है.
पाकिस्तान का टॉप कॉलेज कौन सा है?
अब बात की जाए पाकिस्तान की तो यहां पर IIT की तरह कोई संस्थान नहीं है. यहां पर इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय हैं. जो कि अपने-अपने एरिया में फेमस हैं. पाकिस्तान के प्रमुख इंजीनियरिंग कॉलेज की बात की जाए तो सबसे पहले नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (NUST) का नाम आता है. इसके बाद पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड एप्लाइड साइंसेज (PIEAS), गुलाम इशाक खान इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (GIKI) और यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, लाहौर (UET लाहौर) के नाम आते हैं.
भारत में IIT संस्थान का पूरा संचालन सरकार देखती है. जबकि पाकिस्तान में अलग-अलग विश्वविद्यालय स्वतंत्र रूप से संचालित होते हैं. पाकिस्तान के सभी कॉलेजों में इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और सिविल इंजीनियरिंग की पढा़ई करवाई जाती है. यहां तक की अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई भी करवाई जाने लगी है.
एडमिशन की प्रक्रिया क्या है
भारत में IIT में दाखिला पाने के लिए छात्रों को पहले Joint Entrance Examination ( Main) देना होता है. इसे पास करने वालों को Joint Entrance Examination (Advanced) देना होता है. जो छात्र JEE Advanced को पास करते हैं, उनको ही IIT के कॉलेजों में दाखिला मिलता है. लेकिन पाकिस्तान में ऐसी कोई राष्ट्रीय परीक्षा नहीं है. यहां पर लगभग सभी टॉप कॉलेजों की अपनी अलग प्रवेश परीक्षा होती है, जिसके आधार पर दाखिला दिया जाता है. बोर्ड परीक्षा के अंकों और एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर मेरिट सूची जारी की जाती है.





