
- हिमाचल में मानसून से अबतक 11 मौतें, 50 सड़कें बाधित.
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में मानसून का कहर लगातार जारी है. गुरुवार रात चोलिंग के निकट हुई भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ से राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) पूरी तरह अवरुद्ध हो गया. बाढ़ के साथ आए मलबे और दलदल में कई वाहन फंस गए, जिससे मार्ग पर यातायात ठप हो गया है.
हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानी नहीं हुई. घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और स्थानीय एजेंसियां मौके पर पहुंच गई और स्थिति का जायजा ले रही हैं. सड़क मार्ग को बहाल करने के लिए मशीनरी मौके पर तैनात कर दी गई हैं. सड़क से मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है और जल्द ही यातायात बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है.
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भारी बारिश से अचानक आई बाढ़
जिला प्रशासन के अनुसार, किन्नौर में रात भर हुई भारी बारिश के कारण मिरू नाले में पानी का स्तर अचानक बहुत बढ़ गया. इससे सुबह करीब 4 बजे चोलिंग इलाके में अचानक बाढ़ आ गई. चोलिंग स्कूल के पास NH-5 का लगभग 30 मीटर हिस्सा भारी मात्रा में मलबे, बड़े पत्थरों और कीचड़ से भर गया, जिससे हाईवे पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और यातायात ठप हो गया. फिलहाल रास्ते से मलबा हटाने का काम जारी है. प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वो मौसम और सड़क संबंधी अपडेट प्राप्त करने के बाद ही यात्रा करें तथा संवेदनशील क्षेत्रों में सावधानी बरतें.
हिमाचल में बारिश के कहर से हुई 11 मौतें
बता दें कि दो दिन की मानसून की बरसात से हिमाचल में 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 50 सड़कें बाधित हुई हैं. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, 30 जून से 2 जुलाई के बीच लगातार बारिश के कारण प्रदेश में 49 सड़कें बंद, 42 बिजली ट्रांसफार्मर (DTR) प्रभावित हैं और 27 पेयजल योजनाएं बाधित हैं.
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