

श्रद्धा कपूर द्वारा अभिनीत और लक्ष्मण उतेकर द्वारा निर्देशित फिल्म ‘ईठा’ तब विवादों में आ गई जब विट्ठाबाई नारायणगांवकर के पोते और बाबासाहेब पाटील जो कि प्रदेशाध्यक्ष हैं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सिनेमा और सांस्कृतिक विभाग के, इन्होंने फिल्म के नाम पर ऐतराज उठाते हुए कहा कि फिल्म का नाम ‘विट्ठा’ होना चाहिए. इस पूरे मामले में अब सामने आया है कि मोहित से फिल्म के निर्देशक लक्ष्मण उतेकर की बात हुई और उन्होंने फिल्म का नाम ‘ईठा’ रखने के पीछे तकनीकी कारण बताए और उनके जवाब से मोहित संतुष्ट है, इस मामले पर एनडीटीवी ने खास बात की विट्ठाबाई नारायणगांवकर के पोते मोहित नारायणगांवकर और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के फिल्म एंड कल्चरल डिपार्टमेंट के प्रदेशाध्यक्ष बाबासाहेब पाटील से –
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मोहित नारायणगांवकर से बातचीत
प्रशांत: मोहित जी, मैंने सुना है की ईठा के निर्देशक लक्ष्मण से आपकी फोन पर बात हुई तो यही पूंछूंगा की फिल्म के नाम को बदलने पर उन्होंने क्या कहा और क्या अब आप उनके जवाब से संतुष्ट हैं ?
मोहित: जी जी जी, बिल्कुल-बिल्कुल संतोष तो है. उन्होंने हमसे फोन से बात की है. वह नारायणगांव जल्दी आ रहे हैं, लेकिन उनका जो एडिटिंग का काम है, वो चालू है अभी. फिल्म के नाम बदलने की जो हमारी मांग थी तो उन्होंने कहा की … जो ग्रामीण भाग है, वहीं पे विट्ठाबाई को ‘ईठा’ कहते थे पहले. इसलिए उन्होंने फिल्म को ये नाम दिया है, तो फिर हमें इस से कोई दिक्कत नहीं है. जो मूवी बनाई है ना, तो बहुत पॉज़िटिवली मूवी बनाई है. जो तमाशा क्षेत्र है, लावणी क्षेत्र है, उनके आगे चलकर बहुत बड़े दिन आने वाले हैं, ऐसा पॉज़िटिव मूवी बनाया है उन्होंने . और हम संतुष्ट हैं, कोई दिक्कत नहीं.
प्रशांत: और कुछ बात की उन्होंने? मैंने सुना है उन्होंने ये भी बोला कि वो फिल्म रिलीज़ होने के बाद वो और श्रद्धा कपूर, सब गांव आएंगे?
मोहित: नहीं नहीं, रिलीज़ होने के बाद नहीं, रिलीज़ के पहले.
प्रशांत: रिलीज़ के पहले?
मोहित: जी जी, पूरी टीम आने वाली है नारायणगांव को. सबको लेकर वो नारायणगांव आने वाले हैं. मैंने उनसे विनती की है कि जब नारायणगांव एक तमाशा पंढरी है, तो सब टीम आप… आप आकर यहां से जब पहला प्रीमियर करेंगे तो बहुत अच्छा होगा. तो उन्होंने पॉज़िटिवली बोला, आएंगे सब.
प्रशांत: अच्छा, तो श्रद्धा कपूर भी आएंगी ?
मोहित: जी जी, पिक्चर की कोई दिक्कत नहीं सर, बहुत बढ़िया पिक्चर बनाए हैं वो.
प्रशांत: आपने देख लिया है क्या पिक्चर?
मोहित: नहीं, देख नहीं लिया है, लेकिन उन्होंने बोला है. सिर्फ बोला है तो विश्वास रखेंगे अभी. देखेंगे क्या किया है 28 अगस्त को.
प्रशांत: अच्छा.
मोहित: इतना बड़ा डायरेक्टर बोलता है, होगा तो अच्छा ही होगा ना.
प्रशांत: तो अब आपको नाम से कोई प्रॉब्लम नहीं है. लेकिन ये बात तो आपको पहले से भी पता थी की गांव देहात मेंलोग विठा को ईठा’ के नाम से जानते थे?
मोहित: नहीं नहीं नहीं, हमने सर विनती की उनसे. ‘ईठा’ कहते थे मुझे मालूम है, लेकिन ‘विट्ठाबाई नारायणगांवकर’ अभी जो प्रोफेशनल नाम है, वो देने के लिए विनती की थी. लेकिन उन्होंने बोला ये पिक्चर ग्रामीण भाग से जुड़ी है, इसलिए वो नाम ‘ईठा’ रखा है.
प्रशांत: क्या कुछ ऐसा भी था कि ये विठा नाम रजिस्टर उनके पास नहीं था, इसलिए उन्होंने ये रखा है?
मोहित: नहीं, पहले से ही किया है सर रजिस्टर.
प्रशांत: ‘विट्ठा’ और ‘ईठा’ दोनों हैं?
मोहित: नहीं नहीं नहीं, पहले वो ‘ईठा’ ही किया था. पहले शूटिंग से भी पहले ‘ईठा’ किया था.
प्रशांत: ठीक है मोहित जी, बहुत-बहुत धन्यवाद बात करने के लिए.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के फिल्म एंड कल्चरल डिपार्टमेंट के प्रदेशाध्यक्ष बाबासाहेब पाटील से बातचीत.
प्रशांत: बाबासाहेब अभी हमारी विठा जी के पोते मोहित से मेरी बातचीत हुई और उन्होंने मुझे बताया की लक्ष्मण उतेकर से फोन पर उनकी बात हो गई है और उन्होंने कारण बताया कि क्यों फिल्म का नाम ‘ईठा’ रखा गया है और वो संतुष्ट हैं अभी.
बाबासाहेब पाटील: अभी मेरी भी बात हुई है मोहित से. मोहित ने मुझे कहा है कि लक्ष्मण उतेकर सर का फोन आया था और उन्होंने बताया कि ये नाम ‘ईठा’ है, वो वही हम रखने वाले हैं. वो ‘विट्ठा’ या ‘विट्ठाबाई नारायणगांवकर’ ऐसा कुछ बदलने वाले नहीं हैं. अभी उन्होंने टेक्निकली बहुत सारे रीज़न दिए हैं. मोहित ने मुझे बताया -अभी उतेकर सर ने पूरा मतलब ये समझा दिया है और टेक्निकली ये अभी पॉसिबल नहीं है. तो इसलिए वो अभी थोड़े से रुके हुए हैं.
प्रशांत: कौन?
बाबासाहेब पाटील: मोहित का मतलब विट्ठाबाई का ये पूरा परिवार जो है, वो अभी उसके ऊपर कोई बात नहीं करने वाला. और इन्होंने रिक्वेस्ट भी की है कि आप प्लीज अभी इसके ऊपर आप कोई भी स्टेटमेंट ना दें. हां, तो उन्होंने थोड़ा रिक्वेस्ट किया है. लेकिन वो टेक्निकली इतनी सारी बातें उन्होंने बताई है ना, तो वो बातें सब सुनकर वो विट्ठाबाई की जो बड़ी लड़की है मंगला बनसोड़े, वो भी लावणी सम्राज्ञी हैं, वो भी बहुत बड़ी हैं, उनका नाम भी बहुत बड़ा है. और ये मोहित और उसके पिताजी और उसके अंकल, तो उन्होंने भी कुछ दिन तक चुप रहने के लिए मतलब बात मान ली है उनका.
प्रशांत: ओके.
बाबासाहेब पाटील: हां, अभी वो उतेकर की बात उन्होंने मान ली है. अभी देखते हैं अभी कैसा रहता है.
प्रशांत: अभी उन्होंने ये भी बताया कि फिल्म को रिलीज़ होने से पहले वो सब लोग वहां जाएंगे गांव, श्रद्धा कपूर…
बाबासाहेब पाटील: हां हां, वो मिलने वाले हैं. हां हां, एकदम-एकदम सही है.
प्रशांत: कौन-कौन जाने वाला है, कुछ आईडिया है?
बाबासाहेब पाटील: अभी तो श्रद्धा कपूर तो हैं, लेकिन अभी उनके साथ कौन-कौन है, उसका शेड्यूल अभी तक आया नहीं है.
प्रशांत: तो श्रद्धा कपूर और डायरेक्टर तो जाएंगे ही कम से कम, लक्ष्मण उतेकर तो जाएंगे.
बाबासाहेब पाटील: हां, जाएंगे ही जाएंगे वो. अभी रणदीप हुड्डा हैं या नहीं, या नाना पाटेकर भी हैं उसमें, और कुछ स्टार कलाकार हैं उसमें जो मराठी एक्टर हैं, अभी वो उनके साथ जाएंगे या नहीं जाएंगे, अभी ये वो शेड्यूल आया ही नहीं ना, हां कन्फर्म नहीं है, इसलिए. जी ठीक है. बहत बहुत शुक्रिया बात करने के लिए.





