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कहीं इजरायल हमला न कर दे? पिता अली खामेनेई के जनाजे में शामिल नहीं होंगे ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा | Mojtaba Khamenei To Skip Father Ali Khamenei Funeral Over Security Concerns


तेहरान/नई दिल्ली:

इजरायल और अमेरिका के भीषण हवाई हमलों में मारे गए ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे की तैयारी जोर-शोर से जारी है. 28 फरवरी को हुए हमले में खामेनेई का निधन हुआ था. जिसके बाद भीषण जंग की शुरुआत हुई. अब ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर समझौते के बाद अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई है. जिसमें भारत सहित दुनिया के कई देशों से कई राजनेताओं के शामिल होंगे. लेकिन पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे में ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई शामिल नहीं होंगे. 

मोजतबा के प्रतिनिधि ने जताई इजरायली हमले की चिंता

न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के प्रतिनिधि ने कहा है कि वे सुरक्षा कारणों से अपने पिता और ईरान के पूर्व लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे. अयातुल्ला हकीम इलाही ने कहा कि इजराइल से मिल रही धमकियों और निगरानी के जोखिमों के कारण मोजतबा का सार्वजनिक रूप से शामिल होना खतरनाक होगा.

9 जुलाई को मशहद में दफनाए जाएंगे अली खामेनेई

मालूम हो कि 36 साल तक ईरान पर शासन करने वाले अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी को हुई थी. उसी दिन जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमले शुरू किए थे, जिससे मध्य पूर्व में युद्ध छिड़ गया था. पूर्व सुप्रीम लीडर का अंतिम संस्कार 4 जुलाई को तेहरान में शुरू होगा और 9 जुलाई को उनके गृहनगर, उत्तर-पूर्वी पवित्र शहर मशहद में उन्हें दफनाने के साथ संपन्न होगा.

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शोक मनाने सड़कों पर उतर सकते हैं 6 लाख लोग

अंतिम संस्कार की रस्मों में 7 जुलाई को तेहरान के दक्षिण में स्थित पवित्र शहर कोम में होने वाले कार्यक्रम और अन्य धार्मिक अनुष्ठान शामिल होंगे. ईरान के अधिकारियों को उम्मीद है कि इन छह दिनों के दौरान लाखों लोग शोक मनाने के लिए सड़कों पर उतरेंगे, जिससे यह अंतिम संस्कार दुनिया भर में बारीकी से नज़र रखी जाने वाली घटनाओं में से एक बन जाएगा.

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ईरान में जगह-जगह लगाए गए हैं खामेनेई के बड़े-बड़े पोस्टर

इस बीच पूरे ईरान में दिवंगत खामेनेई की तस्वीरें वाले कई पोस्टर और बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए गए हैं. मार्च से ही अंतिम संस्कार के समय को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं. आम तौर पर इस्लामिक कानून के अनुसार, किसी मृतक को जल्द से जल्द – आदर्श रूप से 24 घंटे के भीतर – दफनाया जाना चाहिए, लेकिन युद्ध की स्थिति के कारण यह मामला अलग था.

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अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होगा भारतीय प्रतिनिधिमंडल

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे में भारत से बिहार के राज्यपाल सैयद हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गरिटा ईरान में अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे. इसके अलावा, खबर है कि पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद दफन समारोह में कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे. 

यह भी पढ़ें – अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत से कौन कौन शामिल होगा, इन नेताओं को भी मिला है निमंत्रण





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