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सावधान! मोबाइल पर आए इस मैसेज को भूलकर भी न करना ओपन, अकाउंट हो जाएगा खाली, गाजियाबाद की डॉक्टर हुईं शिकार | Ghaziabad Female doctor defrauded of rs 6 lakh in cyber scam involving an APK file



साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शि‍कार बना रहे हैं.ताजा मामला राजधानी द‍िल्‍ली से सटे गाजियाबाद का है, जहां एक मह‍िला डॉक्‍टर इन साइबर ठगों के जाल में फंस गईं और लाखों रुपये गंवा बैठीं. साइबर ठगों ने महिला डॉक्टर को इंद्रप्रस्‍थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) के नाम पर फर्जी मैसेज भेजकर लाखों रुपये की ठगी का शिकार बना दिया. ठगों ने डॉक्टर को एपीके (APK) फाइल भेजी, जिसे डाउनलोड करने के बाद उनके बैंक खाते से 6.24 लाख रुपये निकाल लिए गए.

जानकारी के मुताबिक, साहिबाबाद के राजेंद्र नगर निवासी डॉ. कुसुम गुप्ता के मोबाइल पर आईजीएल के नाम से एक फर्जी संदेश भेजा गया. संदेश में गैस सेवा से जुड़ा अपडेट बताकर एक APK फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा गया. फाइल इंस्टॉल करने के कुछ समय बाद साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते तक पहुंच बनाकर 6.24 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली.

गाजियाबाद साइबर थाने में दर्ज कराई शि‍कायत 

ठगी का पता चलने पर डॉ. कुसुम गुप्ता ने गाजियाबाद साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और ठगी गई रकम वापस दिलाने की मांग की है.

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साइबर ठगी के ल‍िए AI का भी हो रहा इस्‍तेमाल

बता दें क‍ि अब साइबर ठगी के ल‍िए AI का इस्तेमाल भी होने लगा है. AI के जर‍िए लोगों को निवेश के नाम पर धोखा दि‍या जा रहा है. इस बढ़ते स्कैम को देखते हुए नेशनल साइबर इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (NCIB) ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. दरअसल, इस नए स्कैम में साइबर ठग खुद को AI एक्सपर्ट, इन्वेस्टमेंट सलाहकार या ट्रेडिंग एक्सपर्ट बताकर लोगों से संपर्क करते हैं. दावा क‍िया जाता है क‍ि उनका AI ट्रेडिंग सिस्टम बहुत कम समय में बड़ा मुनाफा देता है. कई बार वे 100% गारंटीड रिटर्न या पैसा दोगुना करने का वादा भी क‍िया जाता है. इसी लालच में लोग उनकी बातों पर भरोसा कर लेते हैं और ठगी का शि‍कार हो जाते हैं. 
 

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