

अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल में आईडी वेरिफिकेशन यानी पहचान को वेरिफाई करने के लिए पासपोर्ट का सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है. पर जब बात नागरिकता साबित करने की आती है, तो ये नियम हर जगह एक जैसे नहीं हैं. कुछ देशों में पासपोर्ट को नागरिकता का लीगल प्रूफ माना जाता है, वहीं कुछ में इसके लिए अन्य दस्तावेजों की मांग की जाती है. जानें ऐसे देशों के बारे में, जहां पासपोर्ट को नागरिकता का प्रमाण (Proof of Citizenship) के रूप में स्वीकार किया जाता है.
दुनिया के इन देशों में पासपोर्ट से साबित होती है नागरिकता
- अमेरिका
- ब्रिटेन
- ऑस्ट्रेलिया
- न्यूजीलैंड
- एंटीगुआ और बारबुडा
- बारबाडोस
- क्यूबा
- एक्वाडोर
- ग्रेनेडा
- जापान
- जमाइका
- आयरलैंड
- इटली
- साइप्रस
यूरोपियन यूनियन के कई देशों में भी पासपोर्ट को नागरिकता का दस्तावेज माना जाता है. इन देशों में किसी व्यक्ति को नागरिकता साबित करने के लिए पासपोर्ट दिखाना ही काफी होता है.
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दुनिया के इन देशों में नागरिकता साबित करने के लिए पासपोर्ट काफी नहीं
वहीं, दुनिया में ऐसे भी कई देश हैं जहां नागरिकता साबित करने के लिए पासपोर्ट दिखाने से काम नहीं चलता है. यहां कई अन्य दस्तावेज दिखाकर ही नागरिकता साबित की जा सकती है. ऐसे देशों में शामिल हैं-
- कनाडा
- जर्मनी
- फ्रांस
भारत में क्या है नियम
भारत में विदेश मंत्रालय के अनुसार पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय यात्रा है. अगर किसी व्यक्ति की नागरिकता को लेकर कानूनी विवाद हो, तो केवल पासपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जाता. ऐसी स्थिति में जन्म, पंजीकरण या अन्य संबंधित दस्तावेजों के आधार पर नागरिकता तय की जाती है.
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