
मेडिकल प्रवेश परीक्षा री-नीट (Re-NEET) रविवार को रतलाम जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई है. हाल ही में हुए ‘पेपर लीक’ विवाद को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन और पुलिस विभाग किसी भी तरह की चूक के मूड में नहीं था. शहर के 9 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस अहम परीक्षा में कुल 3358 छात्र-छात्राओं ने पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के बीच अपना एग्जाम दिया.
कलेक्टर मिशा सिंह के निर्देशों के बाद परीक्षा को त्रुटिहीन तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी 9 केंद्रों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चली. इस दौरान जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे. सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए केंद्रों पर सीआईएसएफ (CISF) के जवानों ने भी कमान संभाले रखी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.
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सघन चेकिंग और ड्रोन से रखी गई पैनी नजर
प्रशासन ने परीक्षा में सेंधमारी रोकने के लिए इस बार कई कड़े कदम उठाए थे:
- कड़ी चेकिंग: परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले हर परीक्षार्थी की सघन तलाशी ली गई.
- सामग्री पर रोक: विद्यार्थियों द्वारा लाई गई पानी की बोतल, आधार कार्ड के कवर और अन्य सभी बाहरी सामग्रियों को गेट के बाहर ही सुरक्षित रखवा लिया गया था.
- तकनीकी निगरानी: परीक्षा के दौरान केंद्रों और उसके आसपास की गतिविधियों पर ड्रोन (Drones) और सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के माध्यम से लगातार नजर रखी गई.
पेपर लीक के बाद प्रशासन ने बरती अतिरिक्त सख्ती
गौरतलब है कि इससे पहले 3 मई को नीट यूजी (NEET UG) परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन देश भर में उठे ‘पेपर लीक’ मामले के कारण उसे निरस्त करना पड़ा था. इसी को ध्यान में रखते हुए शासन और रतलाम जिला प्रशासन ने इस बार सुरक्षा का एक अभेद्य चक्रव्यूह तैयार किया था, जिसके परिणामस्वरूप जिले में यह परीक्षा बिना किसी विवाद के सफलतापूर्वक संपन्न हो गई.
