
हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग ने शिमला के पूर्व सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) और वर्तमान डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DIG) संजीव गांधी को सरकारी आवास निर्धारित समय पर खाली न करने के लिए 1.80 लाख रुपये से अधिक का डैमेज चार्ज नोटिस जारी किया है. विभागीय नियमों के तहत यह कार्रवाई की गई है. ये नोटिस लिस महानिदेशक (DGP) अशोक तिवारी की तरफ से दिया गया है.
नोटिस के अनुसार, मार्च, अप्रैल और मई 2026 की अवधि के लिए 18 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से कुल ₹1,80,286 का डैमेज चार्ज लगाया गया है. संबंधित सरकारी आवास का क्षेत्रफल लगभग 3568.88 वर्ग फुट बताया जा रहा है.
पुलिस मुख्यालय ने दिए निर्देश
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि उक्त राशि तत्काल जमा करवाई जाए. यदि निर्धारित समय के भीतर भुगतान नहीं किया जाता है तो यह रकम उनके वेतन से वसूल की जा सकती है. साथ ही जून 2026 से आवास खाली न करने तक प्रतिदिन अतिरिक्त जुर्माना भी जोड़ा जाएगा.
नोटिस में संजीव गांधी को तत्काल सरकारी आवास खाली कर उसका कब्जा शिमला पुलिस अधीक्षक को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं. आदेश की अवहेलना होने पर हिमाचल प्रदेश पब्लिक प्रिमाइसेज एंड लैंड एक्ट, 1971 के तहत बेदखली की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.
DIG ने कहा- ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला
वहीं, DIG संजीव गांधी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अभी तक ऐसा कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है. उन्होंने पूरे प्रकरण को उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास बताते हुए कहा कि यह मानहानिकारक है और वह इसे कानूनी रूप से चुनौती देंगे.
इस मामले ने पुलिस विभाग और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है. दरअसल, संजीव गांधी को एसपी शिमला रहते हुए ये आवास मिला था, लेकिन जनवरी माह में उन्हें पदोन्नति मिली और वह DIG बन गए. DIG बनने के बाद से उन्होंने सरकारी आवास खाली नहीं किया है. उनकी जगह अब गौरव सिंह को एसपी शिमला बनाया गया है. जनवरी माह से गौरव कभी रहने के लिए सोलन जाते है तो कभी कहीं पर!
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