
चातुर्मास के शुरू होते ही मुंडन संस्कार, विवाह, तिलक, यज्ञोपवीत जैसे शुभ-मांगलिक संस्कार की पर रोक लग जाएगी. इस अवधि में किसी नए काम की शुरुआत भी नहीं करना चाहिए.

चातुर्मास के शुरू होते ही मुंडन संस्कार, विवाह, तिलक, यज्ञोपवीत जैसे शुभ-मांगलिक संस्कार की पर रोक लग जाएगी. इस अवधि में किसी नए काम की शुरुआत भी नहीं करना चाहिए.