

इस्लामाबाद:
पाकिस्तान ने कश्मीर के लोगों पर एक बार फिर क्रूरता दिखाई है. यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) के अनुसार, गुरुवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर गोलीबारी की और ड्रोन से हमले किए. इस घटना में बच्चों समेत कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई और 18 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए.
इन क्षेत्रों में किया हमला
UKPNP ने PoK के रावलकोट में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर की गई अंधाधुंध गोलीबारी, बल के अत्यधिक प्रयोग और कथित ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है. संगठन ने मिली जानकारी के हवाले से आरोप लगाया कि गुरुवार तड़के पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने रावलकोट में मटियालमेरा बस टर्मिनल, उमर फारूक चौक और अन्य जगहों पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों को निशाना बनाया. बताया जा रहा है कि इस दौरान भारी मशीनगनों, बख्तरबंद वाहनों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया.
UKPNP ने मृतकों में से तीन की पहचान 35 वर्षीय आतिफ जरदीस, 30 वर्षीय एहतशाम यूनुस और 32 वर्षीय आदिल राशिद के रूप में की है. साथ ही, संगठन ने इस क्षेत्र में हुए कथित ड्रोन हमले में चार बच्चों के मारे जाने की खबरों पर भी चिंता जताई है.
चार बच्चों की भी मौत
समूह ने कहा, “खबरों के अनुसार, मटियालमेरा बस टर्मिनल के पास शकील खान का एक घर कथित ड्रोन हमले के बाद आग लगने से नष्ट हो गया. चिंताजनक खबरें यह भी हैं कि इस घटना में चार बच्चों की मौत हो गई है. इन दावों की तुरंत स्वतंत्र जांच होनी चाहिए, और आशंका है कि इसमें और भी लोग हताहत हुए होंगे.”
शांतिपूर्ण और निहत्थे नागरिकों के खिलाफ घातक बल के इस्तेमाल को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए, जिस पर तुरंत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान दिया जाना चाहिए, UKPNP ने कहा, “कश्मीरी लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपने मौलिक अधिकारों, जरूरी सार्वजनिक सेवाओं, संपत्ति की सुरक्षा, मानवीय गरिमा और कानून के शासन की मांग कर रहे हैं. उनकी जायज मांगों का जवाब गोलियों, डराने-धमकाने या सामूहिक सजा से नहीं दिया जाना चाहिए.”
संयुक्त राष्ट्र से की अपील
UKPNP ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे रावलकोट और PoK (पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर) के अन्य प्रभावित इलाकों में बिगड़ती स्थिति पर तुरंत ध्यान दें. समूह ने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय राजनयिक प्रयासों में हिंसा को रोकने, नागरिकों की सुरक्षा करने और मानवाधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
समूह ने कहा, “स्वतंत्र जांचकर्ताओं को इन हत्याओं, घायलों, कथित ड्रोन हमलों, घरों के विनाश और मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के अन्य आरोपों की जांच करनी चाहिए. तथ्यों का पता लगाने, जवाबदेही तय करने और शांतिपूर्ण नागरिकों के जीवन और गरिमा की रक्षा के लिए पारदर्शी जांच बहुत जरूरी है.” समूह ने कब्जे वाले इलाके में पाकिस्तानी बलों द्वारा नागरिकों पर बढ़ते अत्याचारों को लेकर चिंता जताई है.
पाकिस्तान की नापाक हरकतों से चिंता
हाल ही में, मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के छह विशेष दूतों ने PoK में ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी’ (JAAC) को पाकिस्तान द्वारा ‘आतंकवादी संगठन’ घोषित किए जाने पर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने लंबे समय से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ राज्य प्रायोजित हिंसा, मौतों, गिरफ्तारियों और मानवाधिकारों के अन्य उल्लंघनों का हवाला दिया है.
हाल ही में पाकिस्तानी सरकार को लिखे एक पत्र में, संयुक्त राष्ट्र (UN) के विशेषज्ञों ने JAAC को आतंकवादी संगठन के रूप में नामित किए जाने और इससे जुड़े संगठन तथा व्यक्तियों के खिलाफ आतंकवाद-रोधी उपायों के कथित इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं.
इसमें आगे कहा गया है, “हमें इस नामांकन के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन को लेकर भी चिंता है. इनमें शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होने और संगठन बनाने की स्वतंत्रता पर रोक, शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के दौरान अत्यधिक बल का प्रयोग, गैर-कानूनी हत्याएं, मनमानी गिरफ्तारियां और संचार पर पाबंदियां शामिल हैं.”
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