

श्रीनगर:
कश्मीर पुलिस ने इस साल नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. कश्मीर जोन के आईजी सुजीत कुमार ने गुरुवार को बताया कि NDPS एक्ट के तहत 1500 से ज्यादा केस दर्ज किए गए हैं, करीब 2000 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और ड्रग मनी ट्रेल से जुड़े 567 बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं.
कश्मीर आईजी के तौर पर कार्यभार संभालने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा कि ड्रग तस्करों की करोड़ों रुपये की संपत्तियां अटैच की गई हैं और करीब 1.10 करोड़ रुपये नकद बरामद किया गया है.
उन्होंने कहा, ‘ड्रग तस्करी के पीछे के फाइनेंशियल नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के तहत करीब 1.31 करोड़ रुपये वाले 567 बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं.’
युवाओं से अपील, मुखबिर की पहचान गुप्त रहेगी
आईजी सुजीत कुमार ने युवाओं से नशे और साइबर क्राइम के खिलाफ लड़ाई में भागीदार बनने की अपील की. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी.
उन्होंने कहा, ‘जिसके पास भी ड्रग पेडलिंग के बारे में जानकारी हो, वह आगे आए. अगर कोई मदद के लिए पुलिस स्टेशन या नशा मुक्ति केंद्र जाता है, तो हम उसकी मदद करेंगे और उसकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी.’
उन्होंने नशे की लत से जूझ रहे लोगों से भी अपील की कि वे चुपचाप तकलीफ न सहें और मदद लें. उन्होंने कहा कि युवा ही समाज का भविष्य हैं.
साइबर क्राइम पर भी चेतावनी
साइबर क्राइम पर आईजी ने युवाओं को संगठित ऑनलाइन ठगी नेटवर्क का हिस्सा बनने से सावधान किया, खासकर उन नेटवर्क से जो म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं.
उन्होंने कहा कि पुलिस को हाल के महीनों में 54 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की शिकायतें मिली हैं, जिनमें से करीब 13 से 14 फीसदी रकम बरामद की गई है और 7 करोड़ रुपये से ज्यादा पीड़ितों को वापस लौटाए गए हैं.
कुमार ने कहा, ‘अपने ही लोगों को ठगना गलत है. मैं युवाओं से अपील करता हूं कि वे ऐसी गतिविधियों में शामिल न हों या इन नेटवर्क का हिस्सा न बनें.’





