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ईरान पर अमेरिका ने फिर कर दिया हमला, पर इजरायल ने किया किनारा; बोला- हमारा हाथ नहीं | Tensions Rise In Middle East After Alleged US Strikes On Iran S Qeshm Island Israel Denies Involvement



मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है. ईरान के रणनीतिक महत्व वाले क़ेशम द्वीप पर कथित अमेरिकी हमलों की खबरों के बीच इजरायल ने साफ कर दिया है कि इन हमलों में उसकी कोई भूमिका नहीं थी. यह घटना तब हुई जब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हाल के दिनों में तेहरान के खिलाफ सख्त रुख दिखाते रहे हैं और युद्ध फिर से शुरू होने की आशंकाओं पर चर्चा तेज है.

इजरायली सेना ने मंगलवार को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित ईरान के क़ेशम द्वीप पर बीती रात हुए कथित अमेरिकी हमलों में उसकी भागीदारी नहीं थी. समाचार एजेंसी एएफपी के सवाल पर एक इजरायली सैन्य प्रवक्ता ने इसे सिरे से नकार दिया. उन्होंने कहा कि इजरायल का ईरान के हालिया हमले में कोई हाथ नहीं है.

हालांकि अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी इस मामले पर तत्काल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है. अमेरिका की ओर से भी सार्वजनिक रूप से हमलों की पुष्टि नहीं की गई है.

अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर असर की आशंका

क़ेशम द्वीप होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित है. वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है, इसलिए यहां होने वाली किसी भी सैन्य गतिविधि का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है.

इस बीच ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना (IRNA) ने बताया कि केशम द्वीप पर कम समय में लगातार पांच धमाकों की आवाज सुनी गई. कुछ स्थानीय निवासियों ने आसमान में दो विमानों को उड़ते हुए देखने का दावा भी किया. हालांकि ईरानी एजेंसी ने विस्फोटों के कारणों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी.

उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच किसी समझौते की संभावना अभी खत्म नहीं हुई है. ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौता चाहता है और जल्द चाहता है. वहीं उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका कार्रवाई करेगा, लेकिन किसी तरह की जल्दबाजी नहीं है.

ईरान ने क्या कहा?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी बताया कि अमेरिका के साथ परोक्ष बातचीत जारी है. उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात बेहद संवेदनशील हैं और इस वजह से बातचीत तथा विचार-विमर्श का दौर काफी गहन है.

ईरान की ओर से अमेरिका के साथ वार्ता में प्रमुख भूमिका निभा रहे मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा कि उनका देश युद्ध के लिए तैयार है, लेकिन उसने वाशिंगटन को ‘तर्कसंगत जवाब’ दिया है. उनके मुताबिक अब स्थिति को युद्ध की ओर जाने से रोकने की जिम्मेदारी अमेरिका पर है.

उधर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष किसी समझौते तक पहुंच सकते हैं. उन्होंने कहा कि बातचीत में कुछ प्रगति हुई है और आगे भी प्रगति की संभावना बनी हुई है.

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