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तेल की कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट; ट्रंप बोले- समझौता चाहता है ईरान, परमाणु हथियार नहीं बनाने की भी बात मानी | Record Oil Price Drop Trump Says iran seeks possible deal Nuclear weapons highest inflation in history US midterm elections


वाशिंगटन:

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने कहा कि संभावित राजनयिक समझौते की उम्मीदों के कारण तेल की कीमतों में लगभग 10 डॉलर प्रति बैरल की रिकॉर्ड गिरावट आई है. उन्होंने दावा किया कि ईरान समझौता करने के लिए पहले से कहीं ज्यादा इच्छुक है और उसकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है. हालांकि दूसरी ओर ईरान ने साफ किया है कि वह कूटनीति के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी सैन्य कार्रवाई का कड़ा जवाब दिया जाएगा.

तेल कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट का दावा

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तेल की कीमतें ‘बहुत तेजी से गिर रही हैं’ और लगभग 10 डॉलर प्रति बैरल तक नीचे आ गई हैं. उनके मुताबिक बाजार को भरोसा है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की संभावना कम हो गई है.

तेल की कीमतों पर ट्रंप का दावा

तेल की कीमतों पर ट्रंप का दावा
Photo Credit: NDTV (ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट का स्क्रीनशॉट)

ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि लोग मान रहे हैं कि ईरान के साथ टकराव नहीं होगा और इसी वजह से तेल बाजार में गिरावट आई है. उन्होंने कहा कि ईरान जल्द से जल्द समझौता करना चाहता है और यह संभव भी हो सकता है.

ईरान की आर्थिक स्थिति पर ट्रंप का हमला

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान को आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान के पास पैसे और ईंधन की कमी है तथा वहां महंगाई 300 प्रतिशत से अधिक पहुंच चुकी है.

अपने बयान में ट्रंप ने कहा, ‘उनकी नौसेना खत्म हो चुकी है, उनकी वायुसेना समाप्त हो चुकी है. उनके पास पैसा नहीं है और वे समझौता करना चाहते हैं.’

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने हाल में संकेत दिया है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा.

परमाणु कार्यक्रम पर दो टूक रुख

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोहराया कि वॉशिंगटन किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा. ट्रंप ने कहा, ‘हम ईरान को कभी परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं देंगे. वे यह समझ चुके हैं और हाल में उन्होंने भी कहा है कि हमारे पास परमाणु हथियार नहीं होंगे.’

बातचीत जारी, लेकिन जल्दबाजी नहीं

Axios को दिए एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू करने के फैसले में जल्दबाजी नहीं करना चाहते. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ईरान के साथ लगातार बातचीत कर रही है और वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ रही है. हालांकि समझौते तक पहुंचने में कुछ समय लग सकता है. ट्रंप के अनुसार, ‘एक या दूसरे तरीके से हम कुछ करेंगे, लेकिन कोई जल्दबाजी नहीं है.’

कतर कर रहा है मध्यस्थता

रिपोर्टों के अनुसार कतर के मध्यस्थों ने अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत फिर से शुरू कराने के लिए एक प्रारूप समझौता तैयार किया है. बताया गया है कि इस मसौदे में तीन दिन की विश्वास बहाली संबंधी प्रक्रियाएं शामिल हैं, जिनके बाद दोनों देशों के बीच औपचारिक वार्ता आगे बढ़ सकती है. कतर के मध्यस्थ अली अल-थावादी इस सिलसिले में तेहरान भी पहुंचे हैं.

अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने जताई समझौते की उम्मीद

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी संभावित समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं. फॉक्स न्यूज से बातचीत में वेंस ने कहा कि अमेरिका को लगता है कि कुछ प्रगति हुई है और प्रशासन बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास जारी रखेगा.

ईरान का जवाब

वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि तेहरान कूटनीति और सैन्य दोनों परिस्थितियों के लिए तैयार है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई की गई तो उसका पहले से अधिक मजबूत जवाब दिया जाएगा. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी कहा कि वार्ता को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब वॉशिंगटन की है और अमेरिका को नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करनी चाहिए.

इजराइल फैक्टर भी चर्चा में

इस बीच ऐसी खबरें भी सामने आई हैं कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप से 3 नवंबर के अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर विचार करने का आग्रह किया है.

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