
नई दिल्ली:
विपक्ष की रविवार को रामलीला मैदान में होने वाली रैली का व्यापारी विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि फेस्टिव सीजन में इस रैली से उनके कारोबार पर असर पड़ेगा. उन्होंने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से रैली को टालने की अपील भी की थी. इसी बीच रैली से कुछ घंटों पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रैली में आने वाले लोगों से व्यापारियों से खरीदारी करने की अपील की है.
राहुल गांधी ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ‘कल लाखों लोग रामलीला मार्च के लिए दिल्ली आ रहे हैं. त्योहारों का मौसम है. दिवाली, छठ, भाईदूज का समय है. मैं चाहता हूं जो लाखों लोग बाहर से दिल्ली आ रहे हैं, वो यहां के व्यापारियों की मदद करें.’
राहुल ने कहा, ‘प्रोटेस्ट, मार्च, रैली कीजिए, साथ में थोड़ी सी खरीदारी भी कीजिए- व्यापारियों का फायदा हो जाएगा.’
‘हमारी रैली नुकसान नहीं पहुंचाएगी’
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में एक बार फिर दावा किया कि विपक्ष की रैली से व्यापारियों को कोई नुकसान नहीं होगा.
राहुल ने कहा, ‘मैं जानता हूं व्यापारियों को रैली नुकसान नहीं पहुंचाएगी. BJP डरी हुई है इसलिए अफवाह फैला रही है.’

उन्होंने कहा कि इसलिए दोनों काम करते हैं. कल मार्च होगा, रैली होगी और लाखों लोग हमारे व्यापारियों की छोटी-छोटी दुकानों से सामान खरीदेंगे.
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व्यापारी क्यों कर रहे हैं रैली का विरोध?
विपक्ष ने जब से इस रैली का ऐलान किया है, व्यापारी तब से ही इसका विरोध कर रहे हैं. व्यापारियों ने शनिवार को कमला बाजार में दुकानों के बाहर रैली के खिलाफ पोस्टर लगाए.
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने कहा कि हमने राहुल गांधी को संदेश देने के लिए रामलीला मैदान के पास पोस्टर अभियान शुरू किया है.
उन्होंने कहा कि हमने उन्हें और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को तीन बार पत्र लिखा, लेकिन वे सहमत नहीं हुए. आज हम यह संदेश देने आए हैं कि कृपया राजनीति के बाजार में हमारी ‘मोहब्बत की दुकान’ को बंद न करें.
गोयल ने आगे कहा कि हमने राहुल गांधी से बार-बार अपील की, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया. अगर बैरिकेडिंग के कारण कल दुकानदारों को दुकानें बंद करने के लिए कहा गया, तो दिल्ली में कारोबार को 10,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान होगा.
इससे पहले CTI ने सोनिया गांधी को भी चिट्ठी लिखकर 1 नवंबर की रैली को टालने की अपील की थी. CTI ने मांग की थी कि रैली को दिवाली के बाद 10 या 11 नवंबर के बाद किया जाए.

Photo Credit: PTI
क्या है विपक्ष का प्लान?
1 नवंबर को रामलीला मैदान में विपक्ष की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली होने वाली है. इससे पहले विपक्ष मिंटो रोड और कनॉट प्लेस जंक्शन से रामलीला मैदान तक मार्च भी निकालेगा.
विपक्ष की इस रैली में राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव समेत विपक्ष के तमाम बड़े नेता मौजूद रहेंगे. ये रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रही है.
विपक्ष की रैली को देखते हुए दिल्ली में रविवार को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कई जगहों पर ट्रैफिक भी प्रभावित रह सकता है.





