

नई दिल्ली:
इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार को समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान जब रामपुर जेल से बाहर आए, तो उन्हें ED ने गिरफ्तार कर लिया. फर्जी पासपोर्ट और दो पैन कार्ड के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गुरुवार को ही आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला को जमानत दी थी.
शनिवार को जेल से रिहा होने के बाद अब्दुल्ला तो घर चले गए लेकिन आजम खान को जेल के बाहर से ही गिरफ्तार कर लिया गया. इस दौरान आजम खान ने भी कहा कि उन्हें मुसलमान होने की सजा मिल रही है.
आजम खान की गिरफ्तारी पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला किया. अखिलेश यादव ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘आज के हुक्मरानों को याद रहे जब वक्त बदल जाता है तो तख्त बदल जाता है.’
‘नाइंसाफी जब हद से गुजर जाती है…’
अखिलेश यादव ने X पर आजम खान की गिरफ्तारी का वीडियो शेयर करते हुए एक पोस्ट लिखी.
उन्होंने लिखा, ‘आजम खान साहब के साथ मुकदमों की जो साजिश की जा रही है, उसे पूरा देश ही नहीं पूरी दुनिया देख रही है. किसी उम्रदराज को इस तरह के बेमानी मुकदमों में फंसाकर बार-बार जेल में डालना एक बेहद कायराना हरकत है.’
आज के हुक्मरानों को याद रहे जब वक़्त बदल जाता है तो तख़्त बदल जाता है। आदरणीय आज़म ख़ान साहब के साथ मुक़दमों की जो साज़िश की जा रही है, उसे पूरा देश ही नहीं पूरी दुनिया देख रही है। किसी उम्र दराज़ को इस तरह के बेमानी मुक़दमों में फँसाकर बार-बार जेल में डालना एक बेहद कायराना हरकत है। आज की सत्ता जिस ग़लत रवायत को हवा दे रही है, हवा बदलने पर वो ख़ुद उसकी शिकार होगी। तब भागते नहीं बनेगा। नाइंसाफ़ी जब हद से गुज़र जाती है तो जुल्म करनेवाले के लिए ही कहर बन जाती है। बेहद निंदनीय!
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 31, 2026
अखिलेश ने आगे लिखा, ‘आज की सत्ता जिस गलत रवायत को हवा दे रही है, हवा बदलने पर वो खुद उसकी शिकार होगी. तब भागते नहीं बनेगा. नाइंसाफी जब हद से गुजर जाती है तो जुल्म करने वाले के लिए ही कहर बन जाती है.’
यह भी पढ़ें | जेल से बाहर आते ही आजम खान को ED ने गिरफ्तार क्यों कर लिया? समझें क्या है पूरा मामला
आजम बोले- ये मुसलमान होने की सजा है
जेल से बाहर आते ही आजम खान को जब ED ने गिरफ्तार किया तो उनका दर्द भी छलक उठा. उन्होंने बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘कहने को क्या है? क्या कहने को है? कहने को रहा क्या है? मुसलमान होने की सजा है.’
Rampur, Uttar Pradesh: After being released from Rampur jail, Samajwadi Party leader Azam Khan says, “What is there left to say? What can I say? The law has ceased to exist. This is the punishment for being a Muslim? Our mistake was that a university was built by a Muslim. That is our crime. We built schools for children. Is that our crime?”
— IANS (@ians_india) October 31, 2026
उन्होंने आगे कहा कि ‘गलती ये है कि एक यूनिवर्सिटी बनाई. यूनिवर्सिटी बनाई एक मुसलमान ने. ये है गुनाह. बच्चों के स्कूल बनाए एक मुसलमान ने. ये है गुनाह हमारा.’
जेल से निकलते ही गिरफ्तार
मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार करने के लिए ED की टीम जेल के बाहर मौजूद थी. ED ने इस मामले में 13 अक्टूबर को ही केस दर्ज किया था.
आजम खान को हिरासत में लेने के लिए ED की टीम भारी सुरक्षाबल के साथ रामपुर जेल पहुंची थी. चार थानों की पुलिस समेत CRPF के 50 जवान मौजूद थे.
शाम करीब 6:15 बजे ED की टीम जेल के बाहर पहुंच गई थी. इसके बाद शाम सात बजे जैसे ही आजम खान जेल से बाहर निकले, अधिकारियों ने उन्हें घेर लिया और एक आदेश दिखाते हुए हिरासत में ले लिया.
इस दौरान कुछ देर तक अधिकारियों और आजम खान के बीच बातचीत भी हुई. ED की कार्रवाई के दौरान जेल के बाहर मौजूद सपा समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी.
आजम खान करीब 11 महीने 14 दिन बाद जेल से बाहर आए थे. आजम खान और अब्दुल्ला आजम 17 नवंबर 2025 से जेल में बंद थे.





