मध्य प्रदेश

देवास जहरीली शराब कांड: AI से सीखा बनाने का तरीका, असली बोतलों में भरकर बेची दारू


मध्यप्रदेश के देवास जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में से एक अजय राठौर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से घर में शराब बनाने का तरीका खोजा. इसके बाद उसने रसायन और पानी मिलाकर नकली शराब तैयार की. आरोप है कि इस शराब को असली शराब की बोतलों में भरकर ग्रामीण इलाकों में बेचा गया. मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.

देवास के कोतवाली थाना प्रभारी शशिकान्त चौरसिया ने बुधवार को बताया कि पुलिस ने सोमवार को अवैध शराब बेचने के मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया था. आरोपियों के पास से देशी शराब की 6  पेटियां भी बरामद हुई थीं. पूछताछ और जांच के दौरान नकली शराब तैयार करने और उसे बेचने की बात सामने आई.

MP में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, IAS-IPS अधिकारियों के तबादले, देखें लिस्ट

पुलिस के अनुसार, आरोपी अजय राठौर सितंबर से लगातार AI की मदद से घर में शराब बनाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी जुटा रहा था. इसके बाद उसने इंदौर की एक निजी फर्म के माध्यम से रसायन मंगवाया. पुलिस ने फिलहाल उस रसायन का नाम सार्वजनिक नहीं किया है.

खाली बोतलों में भरकर बेची गई नकली शराब

पुलिस का कहना है कि अजय राठौर ने 2 से 7 अक्टूबर के बीच कबाड़ियों से लाइसेंसी शराब की खाली बोतलें हासिल कीं. इसके बाद रसायन और पानी मिलाकर नकली शराब तैयार की गई. इस काम में दूसरे आरोपियों ने भी उसकी मदद की.

जांच में यह भी सामने आया कि नकली शराब को असली शराब में मिलाकर बेचा गया. आरोपियों ने 6 से 12 अक्टूबर के बीच स्थानीय लोगों को यह मिलावटी शराब बेची थी. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कितनी शराब तैयार की गई और किन-किन इलाकों में इसकी सप्लाई हुई.

शराब दुकानों के कर्मचारी भी जांच के दायरे में

इस मामले में केवल नकली शराब बनाने और बेचने वाले ही नहीं, बल्कि लाइसेंसी शराब दुकानों से जुड़े कुछ कर्मचारी भी पुलिस की जांच के दायरे में हैं. थाना प्रभारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में देवास और इंदौर जिलों की तीन लाइसेंसी शराब दुकानों के दो प्रबंधक और दो सेल्समैन शामिल हैं. इन पर अजय राठौर और अन्य आरोपियों को असली शराब की अवैध आपूर्ति करने का आरोप है.

पुलिस ने नकली शराब तैयार करने और बेचने के आरोपों के बाद प्राथमिकी में आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराएं भी जोड़ दी हैं. जिस निजी फर्म के गोदाम से रसायन भेजा गया था, उसे सील कर दिया गया है. मामले में शराब दुकानों के दो अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई है और पुलिस उनकी तलाश कर रही है.

दो मृतकों के नमूने जांच के लिए भेजे गए

जहरीली शराब से मौतों के दावों के बीच पुलिस ने दो मृतकों के विसरा नमूने, बरामद शराब और अन्य सामग्री को अपराध विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजा है. पुलिस के मुताबिक, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों की वजह की पुष्टि हो सकेगी. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सभी मौतों का संबंध इसी मिलावटी शराब से था या नहीं.

ग्रामीणों का दावा है कि देवास जिले के चंदाना, बिंजाना और आसपास के इलाकों में 27 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से कम से कम 10 लोगों की मौत हुई.

वहीं, मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया कि पिछले एक महीने में जहरीली शराब से 22 लोगों की मौत हुई और कम से कम 40 लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित हुई.

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: इंदौर से 22 साल का इंजीनियर हिरासत में, पूछताछ जारी

शुरुआत में जिला प्रशासन ने जहरीली शराब से मौतों के दावों को खारिज कर दिया था. हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद राज्य सरकार ने जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय दल गठित किया है. यह दल मामले की छानबीन कर रहा है. अब जांच रिपोर्ट से यह साफ होने की उम्मीद है कि मौतों की असली वजह क्या थी और नकली शराब के कारोबार में किन लोगों की भूमिका रही.

Input By : पीटीआई भाषा के इनपुट के साथ



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button