खबर

जामिया छात्रसंघ चुनाव: 20 साल बाद खत्म होगा सूखा, जानें क्यों लगा था बैन और कौन थे आखिरी अध्यक्ष? | jamia-millia-islamia-student-union-election-history-last-president-shams-parvez-news



Jamia University Election History : आखिरकार जामिया मिल्लिया इस्लामिया में लंबे समय से चल रही छात्रों की भूख हड़ताल और प्रदर्शन के आगे झुकते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 20 साल बाद छात्रसंघ चुनाव कराने का ऐतिहासिक फैसला लिया है. बता दें कि नए छात्रसंघ संविधान के बनते ही 15 दिनों के भीतर ये चुनाव कराए जाएंगे. हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों का एक गुट चुनाव की तारीखों को लेकर अभी भी अड़ा हुआ है जिससे कैंपस में गहमागहमी बनी हुई है. इन सबके बीच आइए 20 साल पीछे चलते हैं जानते हैं आखिरी चुनाव क्यों भंग हुआ था और अध्यक्ष कौन था.

1981 में हुआ था पहला चुनाव, जुबैर खान बने थे पहले अध्यक्ष

जामिया में पहला छात्रसंघ चुनाव 1981 में कराया गया. जिस में जुबैर खान जामिया के पहले छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए थे. उनके साथ रिजवान अली खानी उपाध्यक्ष, आफताब अहमद महासचिव और जलालुद्दीन संयुक्त सचिव बने थे.

1996 में पहली बार लगा बैन

जामिया में छात्र राजनीति की राह कभी आसान नहीं रही. 1981 से शुरू हुआ यह सिलसिला सिर्फ 12 साल यानी 1996 तक ही ढंग से चल सका. साल 1990 में भी किसी कारणवश चुनाव नहीं कराए जा सके थे. लेकिन 1996 में प्रशासन ने इस पर पूर्ण रूप से बैन कर दिया. कारण छात्र नेता एडमिशन (Admissions), हॉस्टल अलॉटमेंट और यूनिवर्सिटी की अंदरूनी जांचों में जरूरत से ज्यादा दखल देने लगे थे, जिससे प्रशासनिक कामों में परेशानी आनी लगी थी. 

9 साल बाद फिर वापसी, लेकिन एक साल भी नहीं टिकी यूनियन

छात्रों के लगातार दबाव के बाद साल 2005 में, पूरे 9 साल बाद बैन हटाया गया और जुलाई 2005 में नई यूनियन चुनकर आई. लेकिन यह खुशी ज्यादा दिन नहीं टिकी. कैंपस में बढ़ती हिंसक घटनाओं और तत्कालीन कुलपति (VC) पर हुए हमले के बाद, प्रशासन ने पढ़ाई में बाधा का हवाला देते हुए 31 मार्च 2006 को इस यूनियन को भंग कर दिया. इसके बाद से ही छात्रसंघ चुनावों पर पूरी तरह ताला लग गया.

कौन था जामिया का आखिरी छात्रसंघ अध्यक्ष?

जामिया के आखिरी चुनाव (2005) में शम्स परवेज अध्यक्ष चुने गए थे, इसके साथ ही जानकारी के मुताबिक मुहम्मद फहीम हैदर खान उपाध्यक्ष, फरहत अली महासचिव और जिल्ले सुभानी संयुक्त सचिव चुने गए थे. 

यह भी पढ़ें- जामिया में 20 साल बाद होगा छात्रसंघ चुनाव! प्रशासन से सहमति बनने के बाद छात्रों ने खत्म की हंगर स्ट्राइक





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button