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आजमगढ़ की वोटर लिस्ट में 13 बार मिला एक ही नाम, 6 कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी | Azamgarh voter list Same name appears 13 times action being prepared against 6 employees



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मतदाता सूची को लेकर बड़ा मामला सामने आया है. विधानसभा क्षेत्र 347-आजमगढ़ की वोटर लिस्ट में ‘विकास यादव’ नाम 13 बार दर्ज पाए जाने के बाद निर्वाचन विभाग हरकत में आ गया है. इस गड़बड़ी को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है और अब जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

समाजवादी पार्टी के आरोप के बाद शुरू हुई जांच

मामले की शुरुआत तब हुई जब समाजवादी पार्टी ने 15 अक्टूबर को प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया कि आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में विकास यादव नामक व्यक्ति का नाम कई बार दर्ज है. आरोपों को गंभीरता से लेते हुए निर्वाचन विभाग ने जिला निर्वाचन अधिकारी से विस्तृत जांच कराई.

जांच में सामने आई पूरी तस्वीर

जांच के दौरान पता चला कि मतदाता सूची में हिंदी में ‘विकास यादव’ नाम कुल 13 बार दर्ज था. इनमें से दो प्रविष्टियां पहले ही नियमानुसार हटाई जा चुकी थीं. शेष 11 प्रविष्टियों की जांच में यह सामने आया कि वे 11 अलग-अलग व्यक्तियों से संबंधित हैं और सभी अपने-अपने क्षेत्रों में निवास कर रहे हैं.

हालांकि नाम और विवरण में समानता के कारण भ्रम की स्थिति बनी. इसके बाद वास्तविक विकास यादव को छोड़कर अन्य 10 व्यक्तियों के रिकॉर्ड में सुधार के लिए फॉर्म-8 की प्रक्रिया शुरू कराई गई है.

कंप्यूटर सहायक और BLO पर गिरी गाज

निर्वाचन विभाग ने मामले में लापरवाही मानते हुए एक कंप्यूटर सहायक और पांच बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को मतदाता सूची से जुड़े कार्यों से तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं. इनके खिलाफ नोटिस जारी कर सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू करने की भी तैयारी की जा रही है.

मतदाता सूची तैयार करने और उसके पर्यवेक्षण में कथित लापरवाही को देखते हुए तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और दो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. इनके खिलाफ आरोप पत्र जारी करने की तैयारी चल रही है.

जिले की सभी वोटर लिस्ट की होगी समीक्षा

निर्वाचन विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए आजमगढ़ जिले की सभी विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की गहन जांच कराने का फैसला किया है. जिला निर्वाचन अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं. विभाग का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गलती बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

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