
Aaj Ka Panchang: 24 अक्टूबर 2026, शनिवार को रवि योग दो अलग-अलग समय में रहेगा. नई दिल्ली में यह सूर्योदय से दोपहर 12:56 बजे तक है, फिर रात 8:32 बजे शुरू होगा. इसलिए शुभ काम की तैयारी कर रहे हैं तो पूरे दिन रवि योग मानकर समय न चुनें. सुबह राहुकाल का भी ध्यान रखें.
आज दोपहर त्रयोदशी से चतुर्दशी में तिथि बदलेगी. रात में रेवती नक्षत्र शुरू होने के साथ गंडमूल लगेगा, जबकि पंचक पहले से जारी है. सुबह त्रयोदशी देखकर शनि प्रदोष की तारीख को लेकर भी भ्रम हो सकता है. आज के पंचांग में इन बदलावों को अलग-अलग समझना जरूरी है.
रवि योग दो हिस्सों में क्यों है?
रवि योग की गणना सूर्य और चंद्रमा के नक्षत्रों की स्थिति से होती है. आज दोपहर 12:56 बजे सूर्य चित्रा से स्वाती नक्षत्र में जाएगा. चंद्रमा उस समय उत्तराभाद्रपद में ही रहेगा. इससे सुबह से चल रहा रवि योग समाप्त हो जाएगा.
रात 8:32 बजे चंद्रमा रेवती नक्षत्र में प्रवेश करेगा और रवि योग फिर शुरू होगा. यह अगली सुबह, 25 अक्टूबर को 6:28 बजे तक रहेगा. यानी दोपहर 12:56 से रात 8:32 बजे के बीच रवि योग नहीं है.
इसका अर्थ यह भी नहीं है कि सुबह या रात का पूरा समय हर काम के लिए एक जैसा शुभ हो गया. किसी बड़े संस्कार, खरीदारी या नए काम का मुहूर्त चुनते समय दूसरे पंचांग अंग भी देखे जाते हैं.
आज का पंचांग एक नजर में
वार- शनिवार
मास- आश्विन, पूर्णिमांत और अमांत दोनों
पक्ष- शुक्ल
तिथि- त्रयोदशी दोपहर 1:36 तक, फिर चतुर्दशी
नक्षत्र-उत्तराभाद्रपद रात 8:32 तक, फिर रेवती
योग- व्याघात रात 8:01 तक, फिर हर्षण
करण- तैतिल दोपहर 1:36 तक, फिर गर
चंद्र राशि- मीन
सूर्य राशि- तुला
सूर्योदय- सुबह 6:27
सूर्यास्त- शाम 5:43
चंद्रोदय- शाम 4:26
चंद्रास्त- 25 अक्टूबर की सुबह 5:18
गर करण 25 अक्टूबर की रात 12:51 बजे तक रहेगा, जिसके बाद वणिज करण शुरू होगा. चंद्रमा आज राशि नहीं बदलेगा.
शनिवार को त्रयोदशी है, तो क्या आज शनि प्रदोष है?
आज शनि प्रदोष व्रत नहीं है. आश्विन शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत कल, 23 अक्टूबर को था. प्रदोष का निर्णय सूर्यास्त के बाद त्रयोदशी मिलने से होता है.
आज त्रयोदशी दोपहर 1:36 बजे समाप्त हो जाएगी. शाम तक चतुर्दशी रहेगी. इसलिए केवल सुबह की तिथि और शनिवार का मेल देखकर इसे शनि प्रदोष न मानें. कल त्रयोदशी शाम के पूजा काल में थी, इसी कारण शुक्र प्रदोष का व्रत रखा गया.
पंचक पहले से है, गंडमूल कब शुरू होगा?
पंचक आज पूरे दिन रहेगा. इसका समापन 25 अक्टूबर को शाम 7:22 बजे होगा. आज रात नक्षत्र बदलने पर पंचक समाप्त नहीं होगा.
गंडमूल की शुरुआत रात 8:32 बजे रेवती नक्षत्र के साथ होगी. इस तरह पंचक और गंडमूल के आरंभ का समय एक नहीं है. जन्म के नक्षत्र की जानकारी देखने वाले परिवारों के लिए यह अंतर उपयोगी है. आज सुबह से ही गंडमूल मान लेना सही नहीं होगा.
आज शुभ समय और राहुकाल कब है?
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 4:46–5:36
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:43–दोपहर 12:28
विजय मुहूर्त- दोपहर 1:58–2:43
अमृत काल- दोपहर 3:50–शाम 5:24
गोधूलि मुहूर्त- शाम 5:43–6:08
राहुकाल- सुबह 9:16–10:41
यमगण्ड- दोपहर 1:30–2:54
गुलिक काल- सुबह 6:27–7:52
दुष्टमुहूर्त- सुबह 6:27–7:12 और 7:12–7:57
आज अभिजीत मुहूर्त राहुकाल के बाद मिलेगा और उस समय रवि योग भी रहेगा. दूसरी ओर, विजय मुहूर्त यमगण्ड के भीतर पड़ रहा है. इसलिए सूची में किसी समय का नाम देखकर उसे हर कार्य के लिए अंतिम मुहूर्त न मानें.
आज की 3 जरूरी बातें
– रवि योग सुबह से दोपहर 12:56 तक और फिर रात 8:32 बजे से है.
– सुबह त्रयोदशी होने के बावजूद आज शनि प्रदोष नहीं है.
– पंचक पूरे दिन रहेगा, गंडमूल रात में शुरू होगा.
यह पंचांग नई दिल्ली NCR के स्थानीय समय के अनुसार तैयार किया गया है. स्थान बदलने पर सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, चंद्रोदय और स्थानीय मुहूर्त में अंतर हो सकता है.
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