
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में गुरुवार को सवर्ण आयोग के गठन की मांग और UGC के विरोध को लेकर प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया. राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी और करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने राज्य सचिवालय का घेराव किया. छोटा शिमला में नारेबाजी कर रहे प्रदर्शनकारी अचानक उग्र हो गए और बैरिकेडिंग पार कर सचिवालय के मुख्य गेट तक पहुंच गए.
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज भी किया, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए. प्रदर्शनकारी सचिवालय के द्वार नंबर एक के पास पहुंचकर जमकर नारेबाजी करने लगे. इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के पोस्टर भी फाड़े गए.
प्रदर्शन के बीच प्रदेश सरकार में मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने खुले मंच से सवर्ण आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान कर दिया. उनके समर्थन में प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की. मंत्री ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि चक्का जाम करने के मामले में उनके खिलाफ FIR दर्ज नहीं की जाएगी. साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुक्खू से करवाई जाएगी.
लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार
मीडिया से बातचीत में हिमाचल सरकार में पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का अधिकार है. किसी को भी अपने अधिकारों की मांग करने से रोका नहीं जा सकता. उन्होंने हिमाचल प्रदेश पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस ने स्थिति को संभाला.
मंत्री ने कहा कि अगर सभी वर्गों के लिए आयोग बनाए जा सकते हैं, तो सवर्ण आयोग बनाने में भी कोई हर्ज नहीं है. उन्होंने आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि जैसे मां बच्चे के रोने पर उसे दूध पिलाती है, उसी तरह लोगों की मांगों को भी सुना जाना चाहिए. अनिरुद्ध सिंह ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों और अन्य विषयों पर मुख्यमंत्री सुक्खू के साथ होने वाली बैठक में चर्चा की जाएगी.
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सवर्ण आयोग के गठन के लिए करवाया जाना कानून पारित
वहीं, राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रूमित ठाकुर ने आंदोलन को समर्थन देने के लिए मंत्री अनिरुद्ध सिंह का आभार जताया. उन्होंने कहा कि सवर्ण आयोग का गठन अभी नहीं हुआ है और इसके लिए विधानसभा से कानून पारित करवाया जाना है. रूमित ठाकुर ने कहा कि कल सीएम सुक्खू से होने वाली मुलाकात में आंदोलन से जुड़े सभी विषयों को उठाया जाएगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और सवर्ण आयोग के गठन की दिशा में उचित कदम उठाएगी.
