
Papankusha Ekadashi Parana 2026: पापांकुशा एकादशी का व्रत 22 अक्टूबर को है और पारण अगले दिन, शुक्रवार 23 अक्टूबर को होगा. लेकिन व्रत खोलने का समय देखने पर दो अलग जानकारियां मिल रही हैं. कहीं सुबह 8:42 बजे तक पारण करने को कहा गया है, तो कहीं 10:12 बजे तक. ऐसे में किस समय को सही मानें?
नई दिल्ली के लिए ये दोनों समय अलग पंचांग पद्धतियों में दिए गए हैं. पंचांग के सामान्य पापांकुशा एकादशी पृष्ठ पर पारण सुबह 6:27 से 8:42 बजे तक है. उसी वेबसाइट के इस्कॉन एकादशी कैलेंडर में समय सुबह 6:27 से 10:12 बजे तक दिया गया है. इसलिए केवल अंतिम समय देखकर किसी एक जानकारी को गलत कहना ठीक नहीं होगा.
दोनों समय में अंतर क्यों है?
एकादशी का पारण तय करते समय केवल घड़ी नहीं देखी जाती. स्थानीय सूर्योदय, द्वादशी तिथि और संबंधित धार्मिक परंपरा के नियम भी ध्यान में रखे जाते हैं. सामान्य एकादशी कैलेंडर और इस्कॉन कैलेंडर में पारण की अवधि अलग हो सकती है.
इस मामले में दोनों कैलेंडर व्रत की तारीख 22 अक्टूबर और पारण की तारीख 23 अक्टूबर बताते हैं. पारण शुरू होने का समय भी समान है. अंतर उसकी अंतिम सीमा में है. इसलिए इस अंतर को सिर्फ शहर बदलने का नतीजा बताना अधूरी जानकारी होगी.
तो 23 अक्टूबर को व्रत कब खोलें?
नई दिल्ली में दोनों प्रकाशित समयों के भीतर पारण करना चाहते हैं, तो सुबह 6:27 से 8:42 बजे के बीच व्रत खोल सकते हैं. यह अवधि दोनों कैलेंडरों में शामिल है. इस्कॉन की परंपरा का पालन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए संबंधित कैलेंडर में सुबह 10:12 बजे तक का समय दिया गया है.
सुबह 8:42 बजे को द्वादशी समाप्त होने का समय भी न समझें. पंचांग के अनुसार, नई दिल्ली NCR में उस दिन द्वादशी दोपहर 2:35 बजे समाप्त होगी. पारण की निर्धारित अवधि और द्वादशी का समाप्त होना दो अलग बातें हैं.
दूसरे शहरों के लोग क्या ध्यान रखें?
ये समय नई दिल्ली-NCR और भारतीय मानक समय के अनुसार हैं. दूसरे शहरों में स्थानीय पंचांग देखें और जिस धार्मिक परंपरा के अनुसार व्रत रखा है, उसी के पारण निर्देश अपनाएं. किसी खबर में सिर्फ सुबह 10:12 बजे तक लिखा देखकर उसे पूरे देश के लिए एक जैसा समय न मानें. पारण की जानकारी में तारीख के साथ शहर और पंचांग पद्धति देखना भी जरूरी है.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.


