
भारतीय डाक विभाग ने हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में डाक वितरण व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल की है. मंडी जिले में पहली बार ड्रोन (Drone) के माध्यम से डाक पहुंचाने का सफल ट्रायल किया गया है. इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत ड्रोन ने दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र की 12 किलोमीटर की दूरी महज 6 मिनट में तय कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है.
यह अभूतपूर्व पहल भारतीय डाक विभाग और निजी कंपनी स्काई एयर (Skye Air) के संयुक्त प्रयास से शुरू की गई है. शुक्रवार (12 जून) को किए गए परीक्षण में ड्रोन ने मंडी प्रधान डाकघर से उड़ान भरी और द्रंग क्षेत्र की रेहड़धार शाखा डाकघर तक डाक पहुंचाई. वहां डाक ड्रॉप करने के बाद, ड्रोन रेहड़धार से दिनभर की वापस जाने वाली डाक लेकर सुरक्षित मंडी लौट आया.
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12 KM का दुर्गम सफर सिर्फ 6 मिनट में
मंडी डाक विभाग के डिप्टी सुपरिटेंडेंट संजय कुमार ने बताया कि ड्रोन ने लगभग 12 किलोमीटर के इस दुर्गम मार्ग को मात्र 6 मिनट में पूरा कर लिया. सामान्य परिस्थितियों में सड़क मार्ग से इस दुर्गम क्षेत्र तक डाक पहुंचाने में कई घंटे या पूरा दिन लग जाता है. ऐसे में ड्रोन तकनीक डाक वितरण प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव साबित होगी. इस डाक परिवहन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा ड्रोन 10 किलोग्राम तक का भार उठाने में सक्षम है और एक बार में 30 से 50 किलोमीटर तक की दूरी आसानी से तय कर सकता है.
मंडी के 10 स्थानों पर मिलेगी सुविधा
संजय कुमार ने बताया कि दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में डाक पहुंचाने की सबसे बड़ी चुनौती समय और पहुंच की होती है, जिसे अब तकनीक ने हल कर दिया है. देशभर में करीब 150 स्थानों पर स्काई एयर कंपनी के सहयोग से यह ड्रोन डाक सेवा संचालित की जा रही है. मंडी जिले में फिलहाल 10 स्थानों को इस परियोजना से जोड़ा गया है. वर्तमान में मंडी में कंपनी 8 ड्रोन के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर अपनी सेवाएं दे रही है.
पहाड़ी राज्यों के लिए क्यों है यह ‘गेम चेंजर’?
हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में कई ऐसे इलाके हैं, जहां सड़क संपर्क बेहद सीमित है. भारी बर्फबारी या बारिश के दौरान संपर्क पूरी तरह टूट जाता है. ऐसे में चिट्ठियों, जरूरी सरकारी दस्तावेजों और छोटे पार्सलों की सुरक्षित व तेज डिलीवरी के लिए ड्रोन एक बेहतरीन और प्रभावी विकल्प है.
पहले भी हो चुके हैं सफल परीक्षण
भारत में ड्रोन आधारित डाक सेवा का सफल परीक्षण इससे पहले भी कुछ दुर्गम इलाकों में हो चुका है. महाराष्ट्र के माथेरान-कर्जत वन क्षेत्र में भी ड्रोन के माध्यम से डाक पहुंचाई गई थी. वहीं, गुजरात के कच्छ में ड्रोन ने 46 किलोमीटर की दूरी आधे घंटे से भी कम समय में तय कर डिलीवरी का शानदार रिकॉर्ड बनाया था.