
नई दिल्ली:
बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में दिल्ली से भी चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से दो महिलाएं हैं. इन्हीं महिलाओं ने कथित तौर पर टाइगर पर गोलीबारी करने वाले शूटरों को हथियार सौंपे थे. इन चारों को आगे की जांच के लिए मुंबई पुलिस को सौंप दिया है. इससे पहले कोटा से टाइगर पर गोलीबारी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
पकड़े गए चारों आरोपी कौन हैं?
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी के मामले में जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम- कुणाल, सुमित, राधा और बबीता हैं.
- कुणाल: उम्र 21 साल. हरियाणा के सोनीपत जिले के रोहणा गांव का रहने वाला है.
- सुमित: उम्र 19 साल. हरियाणा के सोनीपत के मटिंडू रोड के वार्ड नंबर 10 का रहने वाला है.
- राधा: उम्र 23 सला. उत्तर प्रदेश के सीतापुर के नहवइया की रहने वाली है. पति का नाम सुनील है.
- बबीता: उम्र 23 साल: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के कोठियार की रहने वाली है.
जांच में पता चला है कि कुणाल, अनिल पंडित के संपर्क था. अनिल पंडित लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा है, जिसने ही टाइगर पर हमले की जिम्मेदारी ली थी.
आरोपी है कि कुणाल और सुमित ने ही हथियारों को इंतजाम किया था. इसके बाद ये हथियार कथित तौर पर राधा और बबीता को दिए गए थे.
बताया जा रहा है कि राधा और बबीता इन हथियारों को मुंबई के दादर लेकर गई थीं. वहां ये हथियार इन दोनों लड़कियों ने ही शूटरों को सौंपे थे. दिल्ली पुलिस ने आगे की जांच के लिए चारों आरोपियों को मुंबई पुलिस को सौंप दिया है.

चारों आरोपी मुंबई पुलिस को सौंपे
चारों आरोपियों को मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया है. मुंबई पुलिस ने चारों आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार भी कर लिया है. मुंबई पुलिस ने तीन दिन की ट्रांजिड रिमांड मांगी थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया.
सभी आरोपियों में क्या है कनेक्शन?
कुणाल हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया था. हरसाना गांव के अपने एक दोस्त के जरिए उसकी मुलाकात अनिल पंडित से हुई. इसके बाद वह एक एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए अनिल पंडित से बात करने लगा.
अनिल पंडित के कहने पर कुणाल अमृतसर से एक पिस्टल और 20 कारतूस लेकर आया.
करीब दो महीने पहले कुणाल की मुलाकात राधा से हुई. उसने राधा को अपने काम के बारे में बताया. इसके बाद दोनों के बीच संबंध बन गए और कुणाल ने राधा को हथियार लेकर मुंबई जाने के लिए तैयार कर लिया.
दिल्ली से मुंबई कैसे पहुंचे हथियार?
15 अक्टूबर को कुणाल, राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा. पिस्टल राधा के बैग में रखी हुई थी. सफर के दौरान कुणाल एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए संपर्क में रहा और अनिल पंडित के निर्देश उन तक पहुंचाता रहा.
17 अक्टूबर को दोनों महिलाएं दादर स्टेशन पर उतरीं और एक होटल में ठहरीं. सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़का होटल के पास राधा से बैग लेने पहुंचा.
18 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई. इसके बाद अनिल पंडित ने कुणाल को बताया कि गोली चलाने वाले मुंबई में फंस गए हैं और उससे उन्हें वहां से निकलने का इंतजाम करने को कहा.
18 अक्टूबर को ही राधा और बबीता दादर से हरिद्वार एक्सप्रेस में सवार होकर मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो गईं.
आखिरकार 20 अक्टूबर को राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया, जबकि कुणाल और सुमित को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किया गया.

अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार?
टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी के मामले में गिरफ्तार होने वाले आरोपियों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है. तीन शूटरों को हमले के 15 घंटे के भीतर ही कोटा से गिरफ्तार कर लिया गया था. अब मंगलवार को कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें दो शूटर भी हैं.
टाइगर पर गोलीबारी चलाने के मामले में रेहान, फूल सिंह और ऋतिक कुमार को कोटा से गिरफ्तार किया गया था. तीनों पर हत्या की कोशिश समेत गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
पुलिस को मौके से पांच खाली कारतूस और दो कारतूस भी मिले थे. आरोपी रेहान की बंदूक जाम होने के बाद दो कारतूस गिर गए थे.
शुरुआती जांच में यह भी सामने आया था कि घटना के दौरान फूल सिंह ने पांच राउंड फायर किए थे.
किसी और को मारने की थी प्लानिंग
आरोपियों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच के मुताबिक, आरोपियों का पहला टारगेट टाइगर श्रॉफ नहीं, बल्कि बॉलीवुड का कोई दूसरा सेलिब्रिटी था.
बताया जा रहा है कि जब आरोपी अपने पहले से तय टारगेट तक आसानी से नहीं पहुंच सके तो उन्होंने टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने का फैसला किया.
शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों का मकसद सिर्फ टाइगर पर हमला करना नहीं, बल्कि बॉलीवुड में दहशत फैलाना था.
टाइगर पर हमला 18 अक्टूबर की शाम को तब हुआ था, जब वह शाम को फुटबॉल मैच खेलने के बाद अपनी कार से जा रहे थे, तभी उनकी कार पर कई राउंड फायरिंग हुई थी. इस हमले में टाइगर बाल-बाल बच गए थे.
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हमले की साजिश कैसे रची गई, आरोपियों को जानकारी किस तरह मिली और इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं.





