
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को ग्वालियर जिले में एक ट्रक द्वारा मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं को कुचले जाने की घटना पर दुख जताया. वहीं सीएम मोहन यादव ने इस हादसे की जांच के आदेश भी दिए. मुख्यमंत्री ने नगर पुलिस अधीक्षक को हटाने और आठ अन्य पुलिस कर्मियों को निलंबित करने का आदेश दे दिया है.
सीएम मोहन यादव ने इंदौर में मीडिया से बात करते हुए कह कि प्रतिबंधित क्षेत्र में ट्रक के घुसने के कारण यह दुर्घटना हुई. मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन को हादसे की तथ्यपरक जांच करके रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता दी जाएगी और गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज सरकार कराएगी. उन्होंने कहा कि हादसे में घायल अन्य लोगों को भी 50-50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी.
ट्रक ने मंदिर के बाहर कई श्रद्धालुओं को कुचल दिया
बता दें कि ग्वालियर जिले में रविवार तड़के एक तेज रफ्तार ट्रक ने मंदिर के बाहर कई श्रद्धालुओं को कुचल दिया और फिर मंदिर के प्रवेश द्वार से टकरा गया. पुलिस के अनुसार हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई और 28 अन्य लोग घायल हो गए.
जानें मृतकों के नाम
इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों में महलगांव निवासी सतेंद्र सिंह गुर्जर उर्फ जगदीश सिंह, राजीव नगर निवासी सरला तोमर पत्नी राजेंद्र सिंह तोमर, खुरेरी के बड़ागांव निवासी गौरव परिहार पुत्र कमलेश परिहार, श्योपुर के सहसराम निवासी महेश शर्मा पुत्र मातादीन शर्मा, शिवपुरी जिले के महागावरा निवासी विमलेश और भितरवार के मावटा निवासी देवेश बघेल पुत्र हरिसिंह बघेल शामिल हैं.
इसके साथ ही अन्य मृतकों में ठाठीपुर निवासी प्रिंस उर्फ छोटू जाटव पुत्र संतोष जाटव, श्योपुर के सहसराम निवाीस शौर्य शर्मा पुत्र संजय शर्मा, शिवनगर गदाईपुरा के हेमंत राठौर पुत्र बंटी राठौर, महेशपुरा के दिव्यांश कुशवाह पुत्र अशोक कुशवाह और गदाईपुरा के पवन राठौर पुत्र विद्याराम राठौर शामिल हैं. वहीं इस हादसे में कुल 27 लोग घायल हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.
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