

नई दिल्ली:
‘प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम’ का टीजर रिलीज होने से पहले हर किसी के दिल में बस एक ही सवाल था कि आखिर इस फिल्म में अजमल कसाब का रोल कौन निभाएगा. 2008 के भयानक 26/11 मुंबई हमलों में शामिल खूंखार पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब का किरदार बहुत अहम था. इसके लिए एक ऐसा चेहरा चाहिए था जो पहले ज्यादा दिखा ना हो. फिल्म मेकर्स ने एक एक्टर को चुना भी लेकिन इस चीज को पूरी तरह सीक्रेट रखा गया.
जब ‘प्रहार’ का ट्रेलर आया तो हर कोई यह जानना चाहता था कि वह एक्टर कौन है जो बिल्कुल अजमल कसाब जैसा दिखता है. जो लोग ललित प्रभाकर को जानते थे वे हैरान थे, जो नहीं जानते थे वे अब उनका नाम जान गए हैं. एक्टर ललित प्रभाकर मुख्य रूप से मराठी सिनेमा, थिएटर और OTT में काम करते हैं. अगर ‘प्रहार’ के ट्रेलर पर मिले रिस्पॉन्स को देखें तो यह हिंदी फिल्म – ‘वन टू चा चा चा’ के बाद उनकी दूसरी फिल्म – उनके लिए बॉलीवुड में बड़ी एंट्री साबित हो सकती है. NDTV के साथ एक खास इंटरव्यू में मराठी एक्टर ललित प्रभाकर ने अजमल कसाब के रोल में पूरी तरह ढलने, एक खूंखार आतंकवादी का किरदार निभाने और ‘प्रहार’ की रिलीज से पहले मिल रहे ढेर सारे प्यार के बारे में बात की.
‘लोगों ने मुझे कसाब का रोल न करने के लिए कहा’
ललित प्रभाकर डायरेक्टर अविनाश अरुण की फिल्म ‘प्रहार’ में अजमल कसाब का रोल निभाने के लिए मिल रहे प्यार से “आभारी” हैं, जबकि फिल्म अभी रिलीज होनी बाकी है. हालांकि, कुछ लोगों ने उन्हें यह रोल न करने की सलाह भी दी थी. वहीं कुछ लोगों ने उनकी “हिम्मत और वर्सटैलिटी” की तारीफ भी की. लेकिन ललित प्रभाकर जो खुद को “इम्पल्सिव एक्टर” मानते हैं, ने मेकर्स और अपने फैन्स पर भरोसा करके यह रोल करने का फैसला किया.
उन्होंने कहा, “कुछ लोगों ने मुझसे कहा भी कि ऐसी फिल्म नहीं करनी चाहिए, ऐसा किरदार नहीं निभाना चाहिए. मैं ऐसा नहीं सोचता… मैंने बस यही सोचा कि मुझे अच्छे लोगों के साथ एक अच्छा मैसेज देने वाली अच्छी फिल्म में काम करने का मौका मिलेगा. मुझे एक अच्छा रोल मिल रहा था.”
उन्होंने मराठी पीरियड फिल्म ‘आनंदी गोपाल’ के लिए अपना सिर मुंडवा लिया था. उनकी फिल्मों में ‘जॉम्बीवली’, ‘मीडियम स्पाइसी’ और ‘तोह ती अनी फूजी’ और वेब सीरीज ‘पेट पुराण’ शामिल हैं. जिन लोगों ने ‘प्रहार’ के ट्रेलर के लिए उनकी तारीफ की है, वे बरसों से उनके काम और उनके चुने गए किरदारों को देखते आ रहे हैं. वे इसे एक ‘साहसी फैसला’ कह रहे हैं. उनमें से किसी ने भी इसे नेगेटिव तौर पर नहीं लिया. ललित ने कहा, यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है… मैं इसे इतने सालों में किए गए अपने काम की कमाई मानता हूं. आप जो भी काम करते हैं, वह बेकार नहीं जाता. आखिरकार वह लोगों तक पहुंचता ही है.
ललित प्रभाकर को कसाब के लुक में देख कैसा था उज्जव निकम का रिएक्शन
अजमल कसाब के खिलाफ मुकदमे में सरकार की तरफ से केस लड़ने वाले उज्ज्वल निकम से मंजूरी मिलना एक बड़ी बात थी. पुलिस वालों के अलावा इस सीनियर वकील ने ही उस आतंकवादी को सबसे करीब से देखा था. लेकिन ललित प्रभाकर ने कहा कि फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें उज्ज्वल निकम से मिलने का मौका कभी नहीं मिला.
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“बाद में जब उन्हें कसाब के रूप में मेरी तस्वीरें और फिल्म का एक सीन दिखाया गया, तो उन्होंने कहा, ‘यार, यह बिल्कुल वैसा ही लगता है और उसने हर बारीकी को पकड़ा है.'” उन्होंने बताया, “सिर्फ उज्ज्वल सर ही नहीं, बल्कि जिन पुलिस अधिकारियों ने कसाब को जिंदा पकड़ा था और जिन्होंने उसे कस्टडी में देखा था, उन सभी का रिएक्शन भी वैसा ही था.”
ललित प्रभाकर कैसे बने अजमल कसाब
मराठी थिएटर से जुड़े होने के कारण, ललित प्रभाकर को किसी रोल की तैयारी करने में मजा आता है. अपनी बोली और लहजे को सही करने के लिए उन्होंने एक हफ्ते तक डायलेक्ट कोच अमितोज सिंह से ट्रेनिंग ली. उन्होंने ऑनलाइन मौजूद अजमल कसाब का बस एक वीडियो देखा. “उस वीडियो में कसाब घायल है और उसे बहुत दर्द हो रहा है. वह अस्पताल में है और उसका इंटरव्यू लिया जा रहा है. उस वीडियो के जरिए हमने उसके बोलने के आम अंदाज को समझने की कोशिश की.”
अजमल कसाब से लंबी है ललित प्रभाकर की हाईट
उन्होंने याद करते हुए कहा, “मैंने सोचा कि मैं ऐसा क्या करूं जिससे मैं शारीरिक रूप से छोटा दिखूं. मैंने अपनी गर्दन पीछे की तरफ रखने, कंधे झुकाने और झुककर चलने का फैसला किया. तो मैंने ये छोटी-छोटी चीजें करने की कोशिश की ताकि मैं जितना हो सके उसके जैसा दिखूं.”





