

नई दिल्ली:
‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ के जरिए शक्ति प्रदर्शन करने के बाद राहुल गांधी अब विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने में जुट गए हैं. CEC और SIR विवाद को लेकर INDIA गठबंधन के सांसदों, छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों को उनके आवास पर हाई-टी के लिए बुलाया गया है. यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब विपक्ष ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर राष्ट्रीय राजधानी में शक्ति प्रदर्शन किया है और सुप्रीम कोर्ट में संयुक्त याचिका भी दायर की है.
राहुल गांधी के आवास पर जुटेंगे विपक्षी नेता
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी ने मंगलवार को अपने 5, सुनेहरी बाग रोड स्थित आवास पर INDIA ब्लॉक के सांसदों, सामाजिक संगठनों और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया है. बैठक से पहले विपक्षी दलों के नेताओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित होगी. आमंत्रण संदेश में कहा गया है कि ‘‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी” और याचिका दाखिल करने के बाद विपक्षी दल अगली रणनीति पर चर्चा करेंगे. इसके बाद शाम चार बजे हाई-टी कार्यक्रम रखा गया है.
‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ के बाद रणनीतिक बैठक
यह बैठक ऐसे समय आयोजित हो रही है जब सोमवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के नेताओं, कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और समर्थकों ने दिल्ली में ‘‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी” निकाला था.
इस प्रदर्शन को विपक्ष ने लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा की लड़ाई करार दिया, जबकि सरकार और निर्वाचन आयोग से जवाबदेही की मांग भी की गई.
राहुल गांधी ने समर्थकों का जताया आभार
मार्च के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर समर्थकों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और INDIA गठबंधन के नेताओं का आभार व्यक्त किया. उन्होंने लिखा कि यह दिन बेहद महत्वपूर्ण था क्योंकि जनता को यह संदेश देना जरूरी था कि उन्हें डराया-धमकाया नहीं जा सकता. राहुल गांधी ने कहा कि भारत के लोग किसी तरह की धमकी या दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने की कोशिश की जा रही है.
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा SIR विवाद
मार्च का समापन 11 विपक्षी नेताओं द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने के साथ हुआ. याचिका में देशभर में चल रहे SIR अभियान पर रोक लगाने की मांग की गई है. याचिकाकर्ताओं ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका में यह भी मांग की है कि एक सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में स्वतंत्र समिति गठित की जाए, जो मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से जुड़े तकनीकी पहलुओं की समीक्षा करे.
चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल
याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा लिए गए कुछ फैसले अन्य निर्वाचन आयुक्तों की जानकारी या सहमति के बिना किए गए. विपक्ष ने आयोग से जुड़े रिकॉर्ड, फाइल नोटिंग, बैठक के मिनट्स और दर्ज आपत्तियों को सार्वजनिक करने की भी मांग की है. याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि इस मामले की सुनवाई पहले से लंबित संबंधित मामलों के साथ की जाए.
यह भी पढ़ें : राहुल गांधी समेत विपक्ष की याचिका में 14 खामियां, आज नहीं होगी सुनवाई: सूत्र





