मध्य प्रदेश

हर्ष गोयनका से मिले CM मोहन यादव, निवेश पर हुई चर्चा


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई के होटल द सेंट रेजिस में आयोजित ‘मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर संवाद’ कार्यक्रम के अंतर्गत आरपीजी समूह के अध्यक्ष हर्ष गोयनका से चर्चा की. बैठक में मध्यप्रदेश में विद्युत पारेषण, टायर निर्माण और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ.

बैठक के दौरान हर्ष गोयनका ने जबलपुर में निवेश कर विद्युत पारेषण क्षेत्र में कार्य करने की इच्छा व्यक्त की. चर्चा में मध्यप्रदेश की औद्योगिक अवसंरचना, भौगोलिक स्थिति, कुशल कार्यबल और राज्य सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों का लाभ लेकर नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार किया गया.

रतलाम, सागर और जबलपुर में टायर प्लांट की संभावनाएं

आरपीजी समूह ने मध्यप्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति और कच्चे माल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए राज्य में टायर निर्माण इकाई स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा की. इसके लिए रतलाम, सागर और जबलपुर संभावित निवेश स्थलों के रूप में चर्चा में आए. इन स्थानों पर उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और अन्य आवश्यकताओं का आकलन करने के बाद आगे की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है.

सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश को लेकर भी सकारात्मक चर्चा हुई. आरपीजी समूह की टीम ने संभावित निवेश स्थलों का दौरा कर आवश्यक सुविधाओं और व्यावसायिक संभावनाओं का आकलन करने की इच्छा व्यक्त की. इस क्रम में उज्जैन के आईटी बिल्ट-अप पार्क में उपलब्ध प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं के उपयोग की संभावना पर भी चर्चा हुई. इससे समूह को तैयार बुनियादी ढांचे के माध्यम से आईटी क्षेत्र में अपनी गतिविधियां शुरू करने का अवसर मिल सकता है.

निवेश प्रस्तावों को आगे बढ़ाने पर चर्चा

बैठक में संभावित परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि, आवश्यक अनुमतियों, प्रोत्साहनों और एकल-खिड़की व्यवस्था के माध्यम से सहयोग उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई. प्राथमिकता वाले निवेश प्रस्तावों और संभावित स्थानों की पहचान कर आगे की प्रक्रिया को सुगम बनाने पर जोर दिया गया.

आरपीजी समूह अवसंरचना, मोबिलिटी, टायर, सूचना प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स, ऊर्जा समाधान और उभरती प्रौद्योगिकियों सहित विविध क्षेत्रों में कार्यरत प्रमुख भारतीय औद्योगिक समूह है. इसके प्रमुख व्यवसायों में केईसी इंटरनेशनल, सिएट और जेनसार टेक्नोलॉजीज शामिल हैं. समूह की वैश्विक उपस्थिति छह महाद्वीपों के 135 से अधिक देशों में है.

समूह का मध्यप्रदेश से लंबे समय से जुड़ाव रहा है. वर्ष 1951 से आरपीजी ट्रांसमिशन लिमिटेड के माध्यम से समूह की राज्य में उपस्थिति रही है. इसकी प्रमुख कंपनी केईसी इंटरनेशनल ने नीमच अंतरराज्यीय पारेषण प्रणाली सहित मध्यप्रदेश की विद्युत पारेषण अवसंरचना के विकास में योगदान दिया है. बैठक में हुई चर्चा से मध्यप्रदेश में ट्रांसमिशन, टायर निर्माण और आईटी जैसे क्षेत्रों में निवेश की नई संभावनाओं को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है.



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