

गर्मी या ओवरलोडिंग की वजह से ट्रांसफॉर्मर में आग लगना एक बेहद आम बात है. हालांकि, ट्रांसफार्मर में आग लगना बेहद खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इसमें मौजूद तेल के कारण ब्लास्ट होने का खतरा रहता है. ऐसी आपातकालीन स्थिति में तुरंत बिजली विभाग को सूचित करना और सही सुरक्षा कदम उठाना बेहद जरूरी है. अगर आपके आसपास किसी ट्रांसफार्मर में आग लग जाए, तो बिना समय गंवाए सबसे पहले पावर सप्लाई बंद कराने के लिए शिकायत दर्ज कराएं.
बिजली के ट्रांसफॉर्मर में आग समेत किसी भी शिकायत के लिए बिजली विभाग का राष्ट्रीय टोल फ्री हेल्पलाइन 1912 है. यह बिजली विभाग का केंद्रीय 24×7 टोल फ्री नंबर है. इस पर तुरंत कॉल करें और ऑपरेटर को सटीक लोकेशन बताते हुए आग लगने की जानकारी दें, ताकि बैकएंड से उस इलाके की पावर ग्रिड सप्लाई काटी जा सके. अगर आग विकराल रूप ले चुकी है और आसपास के मकानों या दुकानों तक फैलने का खतरा है, तो तुरंत 101 फायर ब्रिगेड या 112 आपातकालीन सेवा पर भी फोन करें. इसके अलावा, अपने क्षेत्र के नजदीकी बिजली सबस्टेशन, लाइनमैन या जूनियर इंजीनियर को तुरंत सूचित करें, ताकि वे मौके पर पहुंचकर ग्रिड ट्रिप कर सकें.
सुरक्षा के 3 सबसे महत्वपूर्ण नियम
- ट्रांसफार्मर में आग लगने के दौरान घबराने के बजाय नीचे बताए गए सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए.
- ट्रांसफार्मर के पास बिल्कुल न जाएं और आसपास मौजूद लोगों व मवेशियों को तुरंत दूर हटा दें. ट्रांसफार्मर में मौजूद इंसुलेटिंग ऑयल के कारण यह धमाके के साथ फट सकता है.
- जब तक बिजली विभाग पूरी तरह से पावर कट की पुष्टि न कर दे, तब तक आग पर पानी डालने की गंभीर गलती न करें. इससे पानी के जरिए करंट फैलने का जानलेवा खतरा होता है.
- अगर बिजली कटने की पुष्टि हो चुकी है और आग छोटी है, तो उसे बुझाने के लिए केवल सूखी मिट्टी या रेत या CO2 या ड्राई पाउडर वाले अग्निशामक यंत्र का ही उपयोग करें.
जला हुआ ट्रांसफार्मर बदलने के नियम
बिजली विभाग और विद्युत नियामक आयोग के मानकों के अनुसार, ट्रांसफार्मर जलने या खराब होने की शिकायत दर्ज होने के बाद इसे बदलने की एक निश्चित समय सीमा तय की गई है.
- शहरी क्षेत्रों में: शिकायत दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर नया ट्रांसफार्मर लगाना जरूरी है.
- ग्रामीण क्षेत्रों में : ग्रामीण इलाकों में आमतौर पर 48 से 72 घंटे के भीतर जले हुए ट्रांसफार्मर को बदलकर बिजली बहाल करना जरूरी होता है.
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कार्रवाई न होने पर यहां करें अपील
अगर निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी स्थानीय बिजली कर्मचारी या अधिकारी नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाते हैं, तो 1912 पर दर्ज कराई गई शिकायत की का रेफरेंस नंबर के जरिए अपने क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम या राज्य विद्युत नियामक आयोग के कंज्यूमर पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं. इसके अलावा, बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता या अधीक्षण अभियंता के कार्यालय में जाकर भी लिखित शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.





