
नई दिल्ली:
फ्लाईदुबई की उस उड़ान में यदि कैप्टन स्मित मच्छार साहस और सूझबूझ का परिचय नहीं देते, तो एक बड़ा विमान हादसा हो सकता था. कॉकपिट के अंदर हुए कथित हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने हमलावर का मुकाबला किया और विमान को सुरक्षित बचाने में अहम भूमिका निभाई. अब उनकी बहादुरी की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है. इसी बीच राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने उनके सम्मान में 25 लाख रुपये के विशेष बहादुरी पुरस्कार की घोषणा की है और उन्हें देश के सर्वोच्च वीरता सम्मानों से सम्मानित करने की मांग उठाई है.
विक्रमजीत सिंह साहनी ने की पुरस्कार की घोषणा
राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर घोषणा करते हुए कहा कि असाधारण साहस को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनना चाहिए. उन्होंने कहा कि सन फाउंडेशन की ओर से ‘कैप्टन स्मित मच्छार ब्रेवरी अवॉर्ड’ शुरू किया जा रहा है, जिसके तहत 25 लाख रुपये का सम्मान दिया जाएगा. साहनी ने कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट के भीतर जानलेवा हमले का सामना करते हुए अद्भुत साहस दिखाया और एक संभावित बड़ी त्रासदी को टाल दिया.

राज्यसभा सांसद ने उठाई अशोक चक्र देने की मांग
अशोक चक्र देने की मांग
विक्रमजीत सिंह साहनी ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कैप्टन स्मित मच्छार को अशोक चक्र और राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए विचार किए जाने का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा कि मच्छार की बहादुरी युवाओं को जिम्मेदारी, साहस और मानव जीवन की रक्षा के प्रति समर्पण का संदेश देती है. साहनी के अनुसार ऐसे साहसिक कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाना चाहिए ताकि समाज में सकारात्मक प्रेरणा का वातावरण बने.
परिवार ने जताया गर्व
राजकोट में कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार ने भी उनकी बहादुरी पर गर्व व्यक्त किया है. उनके चचेरे भाई पुलकित मच्छार ने कहा कि केवल परिवार ही नहीं बल्कि पूरा समाज और देश उनके साहस पर गर्व महसूस कर रहा है. उन्होंने कहा कि जिस तरह कैप्टन मच्छार ने संकट की घड़ी में लोगों की जान बचाई, वह पूरे देश के लिए गर्व की बात है. पुलकित ने कहा कि जब राष्ट्रीय स्तर के नेता उनकी प्रशंसा करते हैं तो यह परिवार के लिए और भी गर्व का विषय बन जाता है.
स्वास्थ्य में हो रहा सुधार
कैप्टन स्मित मच्छार के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देते हुए पुलकित ने बताया कि फिलहाल उनसे सीधे बातचीत की अनुमति नहीं है. हालांकि परिवार की उनसे एक बार बात हुई है और जानकारी मिली है कि वह रिकवरी की प्रक्रिया में हैं. उन्होंने कहा कि पूरा परिवार और देश उनकी जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है.
30 सितंबर को हुआ था हमला
घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई थी. रिपोर्टों के अनुसार सह-पायलट ने कथित तौर पर कॉकपिट के भीतर कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया और विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की. हमले के दौरान विमान लगभग दो मिनट में करीब 16 हजार फीट नीचे आ गया था, जिसके बाद आपातकालीन संकेत प्रसारित किया गया.
घायल होने के बावजूद नहीं हारी हिम्मत
गंभीर चोटें आने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने हमलावर का डटकर मुकाबला किया. बताया गया कि उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद चालक दल के सदस्य और कुछ यात्री अंदर पहुंच सके. सभी ने मिलकर हमलावर को काबू किया और विमान का नियंत्रण दोबारा स्थापित किया.
सुरक्षित हुई आपातकालीन लैंडिंग
स्थिति नियंत्रण में आने के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन रूप से उतारा गया. विमान में सवार सभी 180 लोग सुरक्षित बाहर निकल गए. इस पूरी घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार को एक हीरो के रूप में देखा जा रहा है. उनकी बहादुरी, पेशेवर जिम्मेदारी और संकट के समय लिया गया निर्णय आज देश और दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है.
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