
नई दिल्ली:
मुंबई के शिवाजी पार्क में शुक्रवार से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन शुरू हो गया है. ये प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहा है. अब मुंबई के बाद CJP ने दिल्ली में भी प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है. CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो 10 अक्टूबर को दिल्ली कूच करेंगे और जंतर-मंतर पर आंदोलन करेंगे.
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP का ये प्रदर्शन तब हो रहा है, जब हाल ही में एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए थे. अखबार ने दावा किया था कि चुनाव आयोग में कई फैसले चुनाव आयुक्तों- सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की सहमति के बगैर लिए गए.
रिपोर्ट में दावा किया था कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने कई बार अपनी आपत्ति ज्ञानेश कुमार के सामने दर्ज कराई थीं, लेकिन इन्हें नजरअंदाज कर दिया गया. हालांकि चुनाव आयोग ने साफ किया था कि SIR समेत सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे.
इस रिपोर्ट के आने के बाद विपक्ष भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हमलावर हो गया. वहीं, अब मुंबई से लेकर दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन होने लगे हैं.
अभिजीत दीपके ने दी चेतावनी
जून-जुलाई में नीट पेपर लीक के खिलाफ CJP ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था. लेकिन इस बार CJP ने अपना प्रदर्शन मुंबई से शुरू किया है. अब अभिजीत दीपके ने चेतावनी दी है कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो 10 अक्टूबर को देशभर में प्रदर्शन होगा.
अभिजीत दीपके ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘अगर ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया, तो देशभर के कॉकरोच 10 अक्टूबर को दिल्ली कूच करेंगे और जंतर-मंतर पर आंदोलन करेंगे.’

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ‘अगर दिल्ली पुलिस ने हमें रोकने की कोशिश की, तो वे हमें जहां रोकेंगे, वही हमारा जंतर-मंतर बन जाएगा. हमारा आंदोलन शांतिपूर्ण होगा. हम महात्मा गांधी के बताए गए मार्ग पर ही चलेंगे.’
दीपके ने कहा कि ‘यह हमारे लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है. हर वह नागरिक जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है, उसे इसमें जरूर शामिल होना चाहिए.’
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और दिल्ली पुलिस हमारे शांतिपूर्ण आंदोलन के अधिकार का सम्मान करते हैं या 20 जुलाई वाली क्रूरता दोहरता है, यह उन पर निर्भर करता है.
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CJP की मांगें क्या हैं?
इससे पहले दिन में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए दीपके ने ‘चलो दिल्ली’ का नारा दिया था. CJP नेता अजिंक्य शिंदे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की.
उन्होंने 2025 की मतदाता सूचियों पर रोक लगाने और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया तय करने वाले 2023 के कानून को रद्द करने की भी मांग की.
दीपके ने दावा किया कि दो साल में 13 करोड़ वोटर्स के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए.
इससे पहले गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपके ने तीन मांगें बताई थीं. पहली- ज्ञानेश कुमार पर क्रिमिनल चार्ज लगाए जाएं. दूसरी- SIR प्रक्रिया को रोका जाए. तीसरी- चुनाव आयुक्तों की चयन प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शिता के साथ हो.

Photo Credit: PTI
इस बार मुंबई से शुरू क्यों हुआ आंदोलन?
CJP ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना आंदोलन शुरू करने के लिए महाराष्ट्र को चुना क्योंकि, दीपके के अनुसार, चुनाव संबंधी कथित अनियमितताओं की शुरुआत इसी राज्य से हुई थी.
उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने 2024 का महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव ‘चुरा लिया’ क्योंकि वोटर लिस्ट में 40 लाख वोटर्स के नाम जोड़े गए थे.
पुलिस ने मध्य मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी. इसके बावजूद बड़ी संख्या में युवा वहां पहुंचे. भारी पुलिस बंदोबस्त, बैरिकेडिंग और तेज गर्मी के बावजूद प्रदर्शनकारी शिवाजी पार्क में जुटे रहे.
बॉलीवुड एक्टर नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, सिंगर विशाल ददलानी और महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे. शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने भी आंदोलन का समर्थन किया है.
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