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फिल्मी सितारों से लेकर नेता तक पहुंचे… मुंबई में CEC के खिलाफ CJP का प्रदर्शन, जान लीजिए अब तक क्या-क्या हुआ | Mumbai CJP protest today Vishal Dadlani, Naseeruddin Shah and Aditya Thackeray participated



देश में चुनाव आयोग और एसआईआर को लेकर चल रहे विवाद के बीच गांधी जयंती पर मुंबई का शिवाजी पार्क बड़े राजनीतिक और सामाजिक प्रदर्शन का केंद्र बन गया. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर सैकड़ों की संख्या में लोग यहां जुटे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई है. प्रदर्शन की अगुवाई CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने की. मंच से उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की बात कही. उन्होंने मुंबई से शुरू हुए आंदोलन को देशव्यापी अभियान में बदलने का ऐलान भी किया.

कलाकारों और नेताओं का मिला समर्थन

शिवाजी पार्क में आयोजित प्रदर्शन को कई चर्चित हस्तियों का समर्थन मिला. गायक विशाल ददलानी और कलाकार शबाना आजमी व नसीरुद्दीन शाह भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे. इस दौरान लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की गईं.

शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया. उन्होंने लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल की नहीं बल्कि लोकतंत्र, संविधान और मतदान के अधिकार की है. उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है और उसे वापस हासिल करने की जरूरत है.

नारेबाजी और भाषणों से गूंजा शिवाजी पार्क

प्रदर्शन के अभिजीत दिपके ने भाषण दिया जिसमें ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ जैसे नारे लगाए गए. बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की. कई प्रदर्शनकारी हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे थे.

आयोजकों का कहना है कि यह आंदोलन केवल मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा. आने वाले दिनों में इसे अन्य राज्यों तक ले जाया जाएगा. दूसरी ओर INDIA ब्लॉक ने भी 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च निकालने का फैसला किया है.

सरकार ने आरोपों को किया खारिज

प्रदर्शन के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया. उनका कहना है कि चुनाव आयोग पहले ही अपना पक्ष स्पष्ट कर चुका है और आयोग के खिलाफ फैलाया जा रहा नैरेटिव तथ्यों पर आधारित नहीं है. उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे.

उधर दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई स्थानों पर भी चुनाव आयोग और एसआईआर को लेकर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले. इससे साफ है कि यह मुद्दा अब राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का रूप ले चुका है और आने वाले दिनों में इसके और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं.

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