

बच्चों की सेहत को लेकर माता-पिता अक्सर छोटी-छोटी बातों पर भी ध्यान देते हैं, लेकिन आंखों से जुड़े कुछ संकेत ऐसे होते हैं जिन्हें सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, खासकर छोटे बच्चों की आंखों में अगर कुछ असामान्य बदलाव दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्रीय कार्यालय ने रेटिनोब्लास्टोमा यानी बच्चों में होने वाले आंख के कैंसर को लेकर लोगों को आगाह किया है.
Retinoblastoma cancer of the eye mostly affects children under the age of 3. In some countries, the cure rate is above 95% when the disease is detected and treated early. 🧐Signs to watch for: 🔵A white glow in the pupil (instead of red) when light or a camera flash reflects in the eye. 🔵Strabismus (lazy eye): when one eye turns inward or outward while the child looks straight ahead. Parents and caregivers play a crucial role in spotting these early signs. If you notice any of them, seek medical advice immediately. #ChildhoodCancerAwarenessMonth #ChildhoodCancer
— WHO Regional Office for the Eastern Mediterranean (@WHOEMRO) September 24, 2026
क्या है रेटिनोब्लास्टोमा?
रेटिनोब्लास्टोमा एक दुर्लभ लेकिन गंभीर प्रकार का कैंसर है, जो आंख के पीछे मौजूद रेटिना में विकसित होता है. यह बीमारी मुख्य रूप से छोटे बच्चों को प्रभावित करती है और ज्यादातर मामले तीन साल से कम उम्र के बच्चों में देखे जाते हैं. बीमारी की समय पर पहचान और इलाज होने पर कुछ देशों में ठीक होने की दर 95 प्रतिशत से अधिक बताई गई है. यही वजह है कि इसके शुरुआती संकेतों को पहचानना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है.
पहला लक्षण: आंख की पुतली में सफेद चमक
रेटिनोब्लास्टोमा का एक प्रमुख शुरुआती संकेत आंख की पुतली में असामान्य सफेद चमक दिखाई देना है. आमतौर पर कैमरे की फ्लैश या तेज रोशनी में आंखों में लाल रंग की चमक दिखाई दे सकती है, लेकिन अगर बच्चे की एक या दोनों आंखों की पुतली में लाल रंग के बजाय सफेद चमक नजर आए, तो इसे सामान्य न मानें. खासकर अगर यह बार-बार दिखाई दे रहा है, तो बच्चे की आंखों की जांच कराना जरूरी है.
दूसरा लक्षण: आंख का तिरछा होना
दूसरा महत्वपूर्ण संकेत है आंख का एक दिशा में मुड़ना. अगर बच्चा सामने देखते समय एक आंख को बार-बार अंदर या बाहर की तरफ घुमाता है, तो इसे भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इसे स्ट्रैबिस्मस कहा जाता है. कई बार माता-पिता इसे केवल ‘लेजी आई’ समझ लेते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह रेटिनोब्लास्टोमा का संकेत भी हो सकता है.
क्यों होता है ये कैंसर?
रेटिनोब्लास्टोमा एक आंख में भी हो सकता है और दोनों आंखों में भी. इसके विकास में आरबी1 जीन में होने वाला बदलाव महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. कुछ मामलों में यह बदलाव वंशानुगत होता है, जबकि कई मामलों में यह अपने आप विकसित होता है.
माता-पिता क्या करें?
माता-पिता और देखभाल करने वालों की भूमिका बीमारी की शुरुआती पहचान में बेहद अहम है. बच्चे की आंखों में आसमान बदलाव दिखाई दे, तो घरेलू उपायों या इंतजार के बजाय जल्द से जल्द नेत्र रोग विशेषज्ञ या बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लें.
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