
नीट पेपर लीक मामले को लेकर गुरुवार को शिमला के मॉल रोड पर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, जिसके बाद कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया.
SFI कार्यकर्ता मॉल रोड पर एकत्र हुए और उन्होंने धारा 163 लागू होने के बावजूद विरोध प्रदर्शन किया. संगठन के नेताओं का कहना था कि नीट परीक्षा में सामने आए कथित पेपर लीक और अनियमितताओं ने देश के लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पूरे मामले पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं कर रही है.
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन के दौरान SFI नेताओं ने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता लगातार कमजोर हो रही है. उनका कहना था कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए.
संगठन ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को तत्काल भंग करने की मांग भी उठाई. उनका आरोप है कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटालों और पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों और युवाओं में भारी निराशा का माहौल है.
पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की
जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मॉल रोड से हटाने की कोशिश की तो दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की होती रही. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और उन्हें बसों में बैठाकर वहां से रवाना किया. इस दौरान मॉल रोड पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा.
SFI के राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने कहा कि यदि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो 19 जून को संसद के बाहर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा.
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उन्होंने कहा कि देशभर के छात्र और युवा इस आंदोलन में शामिल होकर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता की मांग करेंगे. संगठन का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अब देशव्यापी आंदोलन को और तेज किया जाएगा.