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पेट्रोल पर 1 रुपये तो डीजल पर 5 रुपये की टैक्‍स कटौती, सरकार ने घटा दी एक्‍सपोर्ट ड्यूटी, जानिए कीमतों पर क्या असर होगा  | petrol diesel tax cut govt cuts export duty on petrol diesel windfall tax drop on atf check petrol diesel prices today



Petrol Diesel Windfall Tax: पेट्रोल-डीजल और ATF यानी जेट फ्यूल को लेकर बड़ी खबर आई है. केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्‍पादों पर लगने वाले विंडफॉल टैक्‍स में कटौती की है. वित्त मंत्रालय के ताजा फैसले के मुताबिक, सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाली एक्‍सपोर्ट ड्यूटी में 1 रुपये की कटौती की है, जबकि डीजल के एक्सपोर्ट पर SAED यानी विशेष अतिरिक्त एक्‍सोर्ट ड्यूटी में भी 5 रुपये की कटौती की है.  ATF यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर लगने वाले विंडफॉल टैक्‍स में भी बदलाव किया गया है. 

पेट्रोल-डीजल पर अब कितना टैक्‍स?

केंद्र सरकार ने पेट्रोल के एक्‍सपोर्ट पर लगने वाले विंडफॉल टैक्‍स को 1.50 रुपये/ लीटर से कम कर 0.50 रुपये यानी 50 पैसे प्रति लीटर कर दिया गया है. इसका मतलब ये हुआ कि पेट्रोल के निर्यात पर अब केवल 50 पैसे प्रति लीटर लेवी देनी होगी. 

वहीं, डीजल के निर्यात पर लगने वाली एक्‍सपोर्ट ड्यूटी में 5 रुपये की राहत देते हुए इसे 25 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 20 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. डीजल के निर्यात पर 25 रुपये की कुल लेवी में 24 रुपये SAED और 1 रुपये रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस शामिल था.ताजा फैसले में RIC को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, जबकि  SAED में भी राहत दी गई है. 

ATF पर अब कितना टैक्‍स?

सरकार ने ATF के निर्यात पर भी फैसला लिया है. एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर सरकार ने विंडफॉल टैक्स 15 रुपये प्रति लीटर रखा है. 

बता दें कि सरकार हर 15 दिन पर विंडफॉल टैक्स की समीक्षा करती है और देश में पेट्रोलियम उत्‍पादों के उत्‍पादन और उपलब्‍धता को देखते हुए फैसला लेती है. 

क्‍या पेट्रोल-डीजल के दाम पर असर पड़ेगा? 

आपके मन में भी ये सवाल होगा कि विंडफॉल टैक्‍स में किए गए इस बदलाव का असर क्‍या पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी पड़ेगा. इसका जवाब हां भी है और नहीं भी. विदेश एक्‍सपोर्ट होने वाले पेट्रोल-डीजल या एटीएफ के दाम पर तो इसका असर पड़ सकता है, लेकिन घरेलू स्‍तर पर नहीं. कारण कि सरकार ने इम्‍पोर्ट या एक्साइज ड्यूटी में कटौती नहीं की है, बल्कि एक्‍सपोर्ट ड्यूटी में की है. घरेलू खपत के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा एक्साइज ड्यूटी दरों में कोई बदलाव नहीं किया है.

दरअसल, इंडियन ऑयल, एचपी या भारत पेट्रोलियम जैसी कंपनियां, जो विदेशों में तेल निर्यात करती हैं, उनपर ये टैक्‍स लगेगा. ये कंपनियां जो तेल विदेशों में एक्‍सपोर्ट करेंगी, ये टैक्‍स उनके लिए हैं. यानी तेल के इंपोर्ट यानी आयात पर ये टैक्‍स नहीं लगता है. 

सरकार, विंडफॉल टैक्‍स इसलिए लगाती है, ताकि देश से कम तेल एक्‍सपोर्ट हो और यहां तेल की कमी न हो. पेट्रोल-डीजल पर टैक्‍स कम करने का मतलब है कि देश में पेट्रोल-डीजल का संकट उतना बड़ा नहीं है, अभी उपलब्‍धता बनी हुई है. वहीं डीजल की स्थिति सामान्‍य होने या उपलब्‍धता ज्‍यादा होने के चलते इसमें ज्‍यादा ढील दी गई है.  





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