धर्म

Gauri Avahan 2026: 17 सितंबर को कब घर लाएं गौराई? जानें नक्षत्र और मुहूर्त


Gauri Avahan 2026: घर सज चुका है, रंगोली तैयार है और गौरी के लिए साड़ी-गहने भी निकाल लिए गए हैं. बस एक सवाल बाकी है, कल गौराई को किस समय घर लाएं? नौकरी या दूसरी व्यस्तता के कारण शुभ समय निकल गया तो क्या गौरी आवाहन नहीं हो पाएगा?

सबसे पहले तारीख समझ लें. साल 2026 में ज्येष्ठ गौरी आवाहन गुरुवार, 17 सितंबर को होगा. अगले दिन 18 सितंबर को मुख्य गौरी पूजन और 19 सितंबर को गौरी विसर्जन किया जाएगा.

गौरी आवाहन का सही समय

ज्येष्ठ गौरी के तीनों दिन केवल तिथि से नहीं, बल्कि नक्षत्र से तय होते हैं. परंपरा के अनुसार अनुराधा नक्षत्र में गौरी आवाहन, ज्येष्ठा नक्षत्र में मुख्य पूजन और मूल नक्षत्र में विसर्जन किया जाता है.

पंचांग के अनुसार अनुराधा नक्षत्र 16 सितंबर को शाम करीब 5:22 बजे शुरू होकर 17 सितंबर को शाम करीब 7:53 बजे तक रहेगा. इसलिए 17 सितंबर को सुबह स्नान के बाद से शाम 7:53 बजे तक गौरी को घर लाया जा सकता है.

शहर बदलने पर सूर्योदय और पंचांग के समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है. इसलिए अपने शहर का पंचांग भी जरूर देख लें.

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गौरी को घर में कैसे लाएं?

गौरी के आने से पहले मुख्य द्वार और पूजा स्थान साफ करें. दरवाजे से पूजा स्थान तक चावल के आटे, हल्दी या रंगोली से छोटे-छोटे चरण बनाए जा सकते हैं. इन चरणों का मुख घर के अंदर की ओर रखें. भाव यह है कि देवी बाहर नहीं जा रहीं, बल्कि घर में प्रवेश कर रही हैं.

कई महाराष्ट्रीय परिवारों में गौरी के मुखौटे या प्रतिमाएं थाली में रखकर घर लाई जाती हैं. रास्ते में उनसे पूछा जाता है, गौराई, किसके पांव से आई? और उत्तर दिया जाता है, सुख-समृद्धि के पांव से आई. इसके बाद उन्हें पहले से तैयार आसन पर स्थापित किया जाता है.

हल्दी, कुमकुम, अक्षत, फूल और दीप अर्पित कर सरल प्रार्थना करें,

हे गौराई, हमारे घर में सुख, शांति और प्रेम बनाए रखें. हर घर का कुलाचार अलग हो सकता है. कहीं एक गौरी, कहीं ज्येष्ठा-कनिष्ठा के रूप में दो गौरियां और कहीं कलश, पत्थर या मुखौटों की पूजा होती है. अपने परिवार की पुरानी परंपरा को ही प्राथमिकता दें.

शाम 7:53 बजे तक आवाहन न हो पाए तो?

यही सबसे जरूरी बात है, मुहूर्त छूटने पर घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन इंटरनेट देखकर अपने कुलाचार को अचानक न बदलें.

यदि गौरी की प्रतिमा पहले से घर आ चुकी है, तो देर होने पर हाथ में जल, अक्षत और फूल लेकर देरी के लिए क्षमा मांगें. अपना नाम और परिवार का नाम बोलकर संकल्प लें और श्रद्धा से आवाहन पूरा करें.

यदि गौरी को घर लाना ही बाकी है और अनुराधा नक्षत्र समाप्त हो चुका है, तो रात में जल्दबाजी करने के बजाय परिवार के पुरोहित या किसी जानकार बुजुर्ग से पूछें. कुछ परिवार उसी शाम संकल्प लेकर स्थापना कर देते हैं, जबकि कुछ घरों में समय निकलने के बाद अलग परंपरा अपनाई जाती है. इसका एक नियम सभी परिवारों पर लागू नहीं किया जा सकता.

गौराई के स्वागत में महंगे कपड़ों या भारी सजावट से ज्यादा मायने घर के भाव का है. दरवाजे पर बने छोटे-से पांव तभी पूरे होते हैं, जब उनके साथ घर के भीतर प्रेम, सम्मान और अपनापन भी प्रवेश करे.

FAQ

1. गौरी आवाहन 2026 कब है?
ज्येष्ठ गौरी आवाहन 17 सितंबर 2026, गुरुवार को किया जाएगा.

2. गौरी को कितने बजे तक घर ला सकते हैं?
पंचांग के अनुसार अनुराधा नक्षत्र शाम करीब 7:53 बजे तक रहेगा. स्थानीय समय में कुछ मिनट का अंतर संभव है.

3. गौरी आवाहन का मुहूर्त छूट जाए तो क्या करें?
गौरी घर आ चुकी हैं तो क्षमा प्रार्थना और संकल्प लेकर पूजन करें. प्रतिमा लाना बाकी हो तो कुलाचार के अनुसार पुरोहित या परिवार के बुजुर्ग से सलाह लें.

4. ज्येष्ठ गौरी पूजन और विसर्जन कब होगा?
मुख्य गौरी पूजन 18 सितंबर और गौरी विसर्जन 19 सितंबर 2026 को होगा.

5. गौरी के चरण किस दिशा में बनाएं?
चरणों का मुख घर के अंदर की ओर रखें, जिससे देवी के घर में प्रवेश का भाव दिखाई दे.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



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