

बिहार के इस मैंगो मैन को अब हर कोई जानता है
NDTV
कटिहार:
कहानी बिहार के उस मैंगो मैन की है जिनके बारे में अब हर कोई जानना चाहता है. आमों को प्रति अपनी रुचि को लेकर ये इतने फेमस हैं कि लोग इन्हें आज मैंगो मैन के नाम से जानने लगे हैं. इनका नाम कालिदास बनर्जी है. आज इनके बगान में लगे आमों को देखने के लिए दूर-दराज से लोग आते हैं. इनके बगान में आज मोदी आम से लेकर चितरंजन दास आम और स्वामी विवेकानंद आम लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. मैंगो मैन के आमों को चर्चा आज बिहार से निकलकर देश के दूसरे राज्यों तक पहुंच चुकी है.

NDTV ने मैंगो मैन कालिदास से बात की और ये जानने की कोशिश की कि आखिर आमों के प्रति उनके इस प्रेम के पीछे का कहानी क्या है. कालीदास बनर्जी ने हमे बताया कि जब हम स्कूल में पढ़ते थे तब हम सोचे कि कुछ रोजगार के लिए तो जो उस सोच को बदलना होगा. तब मेरे मन में आया कि पिताजी तो ग्राफ्टिंग की काम करवा रहे हैं बगीचा में हैं., हम स्कूल से वापस आकर हर दिन ग्राफ्टिंग सीखते थे और सीखने के दरमियान में धीरे-धीरे जब मेरे मन में आया कुछ ऐसा आम का वैराइटीज तैयार करें जो अलग हो. इसी वजह से हमने तरह के तरह के आमों पर काम करते हुए अलग किस्म की आम की प्रजाति विकसित की. इसी क्रम में मैने अलग-अलग आम को तैयार किया.इन आमों के कई फायदे हैं. इनमें स्वाद के साथ-साथ ये शुगर फ्री भी हैं.

भावनगर यूनिवर्सिटी भी जा रहे हैं
कालिदास बनर्जी ने बताया कि उनके आमों की मांग हर साल लगातार बढ़ता जा रहा है. लोग इस बात को जानकर हैरान हैं कि आखिर आम इतना स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शुगर फ्री कैसे है. हम अपने आम को लेकर भावनगर यूनिवर्सिटी भी जा रहे हैं. ये गुजरात में है. अलग-अलग स्वाद के आमों को मैंने ही नाम दिया है. स्वामी विवेकानंद को पूरी दुनिया जानती थी. इसलिए हमने उनके नाम पर आम का नाम रखा. इसी तरह चितरंजन दास एक फ्रीडम फाइटर थे, इसलिए एक आम का नाम हमने उनके नाम पर रखा. आज मोदी जी को कौन नहीं जानता है. मोदी जी को आज दुनिया सलाम कर रही है. उनका इतना नाम है इसलिए मैंने अपने सबसे स्वादिष्ट आमों से एक का नाम मोदी जी पर रखा है. मेरे आमों की मांग हर बीतते दिन के साथ बढ़ रही है. लोग इसके स्वाद के दीवाने हो रहे हैं. सबको ये बेहद पसंद आ रहा है.





