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ब्रेस्ट कैंसर से बचाव की पहली सीढ़ी है जागरूकता, इन संकेतों को न करें नजरअंदाज



ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसरों में से एक है. अच्छी बात यह है कि अगर इसके संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए और डॉक्टर से सलाह ली जाए, तो इलाज और देखभाल की सही दिशा तय करने में मदद मिल सकती है. इसलिए शरीर में होने वाले किसी भी नए या असामान्य बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश के अनुसार, यदि ब्रेस्ट में कोई नई गांठ या सख्त हिस्सा महसूस हो, तो उस पर ध्यान देना जरूरी है. हालांकि हर गांठ कैंसर का संकेत नहीं होती, लेकिन अगर वह लंबे समय तक बनी रहे या उसमें बदलाव महसूस हो, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए. 

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कब हैं एक्सपर्ट की सलाह जरूरी-

अगर ब्रेस्ट के आकार, बनावट या स्वरूप में अचानक कोई बदलाव दिखाई दे, तो उसे भी गंभीरता से लेना चाहिए. दोनों ब्रेस्ट के आकार में थोड़ा अंतर होना सामान्य है, लेकिन किसी एक ब्रेस्ट में नया और असामान्य परिवर्तन दिखे तो एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर रहता है.

ये लक्षण दिखें तो तुरंत हो जाएं सतर्क-

ब्रेस्ट की स्किन में लालिमा, सूजन, मोटापन या गड्ढे जैसी बनावट नजर आए, तब भी सतर्क हो जाना चाहिए. ऐसे लक्षण संक्रमण या किसी अन्य कारण से भी हो सकते हैं, इसलिए सही वजह जानने के लिए जांच जरूरी है.

निप्पल या उसके आसपास की स्किन में बदलाव, जैसे निप्पल का अंदर की ओर धंसना, त्वचा का खुरदुरा होना या लगातार परेशानी महसूस होना भी चेतावनी के संकेत हो सकते हैं. इसी तरह, यदि निप्पल से बिना दबाव के कोई असामान्य स्राव निकलता है, खासकर उसमें खून दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

नोट- ध्यान रखें कि इन लक्षणों का दिखना जरूरी नहीं कि स्तन कैंसर ही हो. लेकिन यदि कोई बदलाव लंबे समय तक बना रहे या बार-बार महसूस हो, तो जांच कराने में देरी नहीं करनी चाहिए. जागरूकता और समय पर सलाह ही बेहतर स्वास्थ्य की पहली सीढ़ी है.

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