
लाखों रुपये का पैकेज छोड़कर अपनी कंपनी शुरू करने वाली एक टेक एंटरप्रेन्योर ख्याति ठाकुर ने अपना दर्द साझा किया है. उसने कहा कि मात्र 30 दिनों में ही चैट जीपीटी (ChatGPT) और गूगल AI ने उसका सब कुछ बर्बाद कर दिया. शून्य से दोबारा शुरुआत करते हुए अपना स्टार्टअप शुरू करने वाली युवती ने 16 महीने के कड़े संघर्ष के बाद बिजनेस को पिवट किया. उसने कहा कि अगर यह कल को खत्म हो जाए, तो भी मुझे खुशी होगी कि मैंने इसमें अपनी पूरी जान लगा दी. साथ ही अन्य लोगों को कुछ नया शुरू करने से पहले जरूरी सलाह दी है.
नौकरी छोड़ शुरू किया स्टार्टअप
ख्याति ठाकुर ने अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी (University of Southern California) से कंप्यूटर साइंस में मास्टर की पढ़ाई की है. इसके बाद ख्याति ने नौकरी शुरू की. ख्याति महाराष्ट्र के पुणे में रहती हैं और 2018 से 2025 तक बड़ी कंपनियों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर रहीं. Inspirit में ख्याति ठाकुर ने 2022 से 2025 तक सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम किया. इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ अपना स्टार्टअप शुरू करते हुए फरवरी 2025 में Fridayy नाम से एक AI बना दिया.
ख्याति ने लिंक्डइन पोस्ट में बताया कि मैंने 75 लाख रुपये की नौकरी छोड़कर अपना स्टार्टअप शुरू किया. हमारे पहले प्रोडक्ट को ChatGPT और Google AI ने बेकार कर दिया और 30 दिनों में ही हमारे सारे कस्टमर चले गए. टेक एंटरप्रेन्योर ने बताया कि हमें नया रास्ता (pivot) खोजने में 7 महीने लगे और कुछ काम का बनाने में 9 महीने और लग गए. अब हमारे पास पैसा भी बहुत कम बचा है और ऊपर से B2B सेल्स साइकिल 3-4 महीने लंबी है. हमें ऐसे इन्वेस्टर्स की तलाश है, जो हमारे आइडिया को समझें और उसमें इन्वेस्ट करने को तैयार हों.

Photo Credit: linkedin/khyatithakur
स्टार्टअप शुरू करने वालों को दी सलाह
ख्याति ठाकुर ने माना कि कंपनी बनाना बहुत मुश्किल रहा है, जिसमें लंबा ‘पिवट’ समय, धीमी B2B सेल्स और सीमित फंड (रनवे) जैसी चुनौतियां शामिल थीं. उसने लिंक्डइन पोस्ट में लिखा, “मैं आपको यह डराने के लिए नहीं कह रहीं हूं. ऐसा इसलिए कह रही हूं, क्योंकि कुछ नया बनाने के लिए खुद पर अटूट, ज़बरदस्त और लगभग जुनून की हद तक भरोसा होना चाहिए. बिज़नेस बनाते समय जो कुछ भी गलत हो सकता है, वह गलत होगा ही.”
टेक एंटरप्रेन्योर ख्याति ने कहा कि ज़्यादातर दिन आपको लगेगा कि आपने हर महीने मिलने वाली सैलरी क्यों नहीं चुनी और आप बेवकूफी महसूस करेंगे. सब कहते हैं कि सही समय पर काम छोड़ देना समझदारी की निशानी है, लेकिन आपको पता नहीं चलेगा कि कब छोड़ना है. आप एक आखिरी कोशिश करना चाहेंगे, इस उम्मीद में कि शायद इस बार काम बन जाए. क्योंकि अपनी खुद की चीज़ बनाने का रोमांच कुछ ऐसा है जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता.
ख्याति ने अंत में कहा कि अगर यह कल खत्म भी हो जाए, तो भी मुझे खुशी होगी कि मैंने इसमें अपनी पूरी जान लगा दी. मैंने इतना कुछ सीखा जितना कोई नौकरी मुझे नहीं सिखा सकती थी. मैंने कुछ ऐसा बनाया जिस पर लोगों की रोज़ी-रोटी टिकी थी, भले ही कुछ समय के लिए ही सही.
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