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कांग्रेस के सचिवों के चुनाव के लिए राहुल-प्रियंका बने इंटरव्यूअर, पूछे जा रहे हैं ये 5 सवाल | Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Personally Interviewing Candidates for Key Congress Secretary Posts



कांग्रेस की नई टीम कैसी होगी, कौन सेक्रेटरी बनेगा, इसकी लिस्ट अब इंटरव्यू के जरिए तय होगी. पार्टी ने तय किया है कि इस बार बदलाव बड़ा होगा और तौर-तरीका भी बिल्कुल नया. इसके लिए एक हाई लेवल इंटरव्यू पैनल बनाया गया है, जिसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल मिल कर कैंडिडेट्स का इंटरव्यू ले रहे हैं. चुनाव देशभर के सचिवों का होना है जो संगठन में अहम भूमिका निभाते हैं और ये साक्षात्कार उसी चयन प्रक्रिया का आखिरी पड़ाव है. पार्टी संगठन बनाने को लेकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने 10 जनपथ पर सोमवार को कई उम्मीदवारो के इंटरव्यू लिए हैं. ये इंटरव्यू अलग अलग ग्रुप में लिए जा रहे है, जिसमें अलग अलग पैनल में 5-6 और कई पैनल में इससे ज्यादा उम्मीदवारों के ग्रुप बना कर सबके इंटरव्यू लिए जा रहे है. 

इंटरव्यू की शुरुआत  की गई जो अगले कुछ दिनों तक चलेगी. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी खुद सभी उम्मीदवारो के इंटरव्यू ले रहे हैं, जिसमें तमाम उम्मीदवारों से उनके पुराने कामकाज से लेकर प्रोफाइल तक के बारे में पूछा जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक हर उम्मीदवार की रिपोर्ट के साथ दोनों नेता इंटरव्यू ले रहे हैं. जो भी उम्मीदवार सचिव के इंटरव्यू के लिए जा रहा है उनके पूरे कामकाज की  रिपोर्ट कार्ड पहले से राहुल गांधी के पास मौजूद है. किसने कहां, कितना काम किया, प्रदेश में सक्रियता और तमाम चीजों का बायो डाटा राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के पास इंटरव्यू के दौरान  मौजूद है. 

ऐसा माना जा रहा है कि इसके जरिए राहुल गांधी पार्टी में अपनी नई टीम तैयार कर रहे हैं. इस एक्सरसाइज में बहुत समय से काम जारी हैं लेकिन फाइनल इंटरव्यू राहुल गांधी खुद ले रहे हैं. सचिव पद की रेस में शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारो के काम काज की रिपोर्ट के साथ राहुल गांधी उनसे मिल रहे हैं और इंटरव्यू ले रहे हैं.

तो इंटरव्यू का कुछ ऐसा है फॉर्मेट

सचिवों की नियुक्ति में लिए जा रहे इंटरव्यू में राहुल गांधी सबसे पहले उम्मीदवारों से उनका इंट्रोडक्शन ले रहे हैं. हर पैनल में अलग अलग राज्य के दावेदारों को रखा गया हैं. सूत्रों के मुताबिक सभी उम्मीदवारों से उनके पुराने संगठन के काम को लेकर फीडबैक लिया जा रहा है. उदाहरण के तौर पर अगर किसी ने संगठन सृजन में काम किया है तो उस व्यक्ति से राहुल गांधी उनके काम काज का फीडबैक पूछ रहे हैं, कैसे किया कोई दबाव तो नहीं था. इस तरह के सवाल भी पूछे जा रहे हैं. 

एनडीटीवी को एक उम्मीदवार ने बताया कि राहुल गांधी ने उनके काम को लेकर कई सवाल किए जिसमें अगर कोई जिला अध्यक्ष हैं तो उससे पूछा गया कि अगर सचिव बनायेंगे तो आप अपने राज्य और जिला में कैसे काम करेंगे, यह तक पूछा गया. सूत्रों के अनुसार प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ये भी पूछ रहे हैं कि संगठन में काम किस तरह करेंगे. इस तरह के सवाल पूछ कर तमाम उम्मीदवारों की पार्टी के संगठन के प्रति क्या विजन हैं इसको जानने की कोशिश की जा रही है. 

एक उम्मीदवार ने एनडीटीवी को बताया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी, जिसने जो जो पुराने समय में संगठन में काम किया है उन तमाम कामो के बारे में सबसे पहले पूछ रहे हैं. जानकारों के मुताबिक इसका मकसद यह पता लगाना है कि बतौर सचिव कैसे कोई काम कर पायेगा? 

बता दें कि कांग्रेस में पहले भी इस तरह के इंटरव्यू और प्रक्रिया को अपनाया गया है. जब पिछली बार भी सचिवों की नियुक्ति हुई थी तब भी राहुल गांधी ने सभी से वन टू वन पैनल के जरिए मुलाकात की थी और उनका इंटरव्यू लिया था. राहुल गांधी अपनी नई टीम को मजबूत तौर पर बनाने की कोशिश में जुटे हैं. राहुल गांधी कई बार सार्वजनिक मंच से ‘बारात के घोड़े’ और ‘रेस के घोड़े’ जैसे बयान पार्टी नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं के दे चुके हैं.

क्या सवाल पूछे जा रहे?

उम्मीदवार का इंट्रोडक्शन
उनके पुराने दिए गए काम का अनुभव 
अगर कोई उम्मीदवार जिला अध्यक्ष हैं तो सचिव बनने के बाद कैसे दोनों जिम्मेदारी को निभाएंगे? 
अगर किसी ने संगठन के किसी भी स्तर पर काम किया तो उनको कोई दबाव या किसी तरह की परेशानी हुई फैसले लेने में?

कांग्रेस पार्टी अपने संगठन विस्तार को लेकर पिछले एक साल से कामकाज में जुटी है. पहले इसकी शुरुआत संगठन सृजन से की गई और बाद में चाहे वो नए प्रभारी बनाना हो या फिर अब सचिव. पिछली बार भी करीब 70 से अधिक सचिवों की नियुक्ति की गई थी और करीब 2 साल बाद एक बार फिर नए सचिवों की नियुक्ति पर जोर दिया जा रहा है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक पिछले कई सचिवों को बदला जा सकता है और नए लोगों को संगठन में जगह दी जा सकती है. 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी अपनी नई टीम को तैयार करने में जुटे हैं ताकि हर राज्य में पार्टी को मजबूती मिल सके.

क्या हैं पार्टी में सचिवों का काम? क्यों जरूरी

कांग्रेस पार्टी में सचिवों को हर प्रदेश में बतौर सचिव के तौर पर प्रभारी के नीचे नियुक्त किया जाता है. जो जिस राज्य से होता है उसे दूसरे प्रदेश की जिम्मेदारी दी जाती है कई राज्य में 3 या फिर 4 सचिवों को राज्य में नियुक्त किया जाता है और एक एक AICC सेकेट्री को संभावित राज्य में अलग-अलग विधानसभाओं की जिम्मेदारी दी जाती है और उस राज्य में प्रभारी के नीचे काम करते हैं. यह प्रक्रिया हर राजनीतिक दल में होती है.

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