

नई दिल्ली. सेंट्रल वॉटर कमीशन ने बिहार, यूपी, एमपी समेत 9 राज्यों में गंभीर बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया है. सेंट्रल वॉटर कमीशन के बाढ़ पूर्वानुमान/निगरानी नेटवर्क के अधीन आने वाले फ्लड फोरकास्टिंग स्टेशनों में से बिहार के 3 स्टेशन अभी अत्यधिक बाढ़ की स्थिति में हैं. रविवार शाम जारी अपनी फोरकास्ट रिपोर्ट में सेंट्रल वॉटर कमीशन ने कहा है कि 63 फ्लड फोरकास्टिंग स्टेशनों में से बिहार में 39, उत्तर प्रदेश में 14, झारखंड में 3, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और असम में 2-2 तथा उत्तराखंड में 1 station गंभीर बाढ़ की स्थिति में हैं.
68 फ्लड फोरकास्टिंग स्टेशनों में से उत्तर प्रदेश में 26, बिहार में 16, असम में 9, मध्य प्रदेश में 6, पश्चिम बंगाल में 3, राजस्थान और झारखंड में 2-2 तथा हरियाणा में 1 station सामान्य से अधिक बाढ़ की स्थिति में हैं.
बिहार
CWC नेटवर्क के 3 फ्लड फोरकास्टिंग स्टेशनों पटना जिले के गांधीघाट, हाथीदह और पंडारक पर गंगा नदी में बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर है, हालांकि सभी स्टेशनों पर जलस्तर घटने का रुझान देखा जा रहा है. चूंकि बिहार में गंगा की मुख्य धारा को मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की नदियों के साथ-साथ बिहार के भीतर अपनी उत्तरी सहायक नदियों से भी काफी पानी मिलता है, इसलिए 8 सितंबर 2026 तक बक्सर, सारण, वैशाली, खगड़िया, मुंगेर और भागलपुर जिलों में नदी के जलस्तर में स्थिरता या बढ़ोतरी के साथ सामान्य से अधिक अथवा गंभीर बाढ़ की स्थिति बने रहने की संभावना है. पटना जिले में गंगा में बाढ़ की स्थिति 7 सितंबर तक अत्यंत गंभीर बनी रहेगी.
उत्तर प्रदेश
सोन, घाघरा और मुख्य गंगा नदी में पानी का स्तर बढ़ने तथा सामान्य से अधिक या गंभीर बाढ़ की स्थिति बने रहने की आशंका है. यह स्थिति मुख्य रूप से सोनभद्र, बलिया, मिर्जापुर, वाराणसी, गाजीपुर, लखीमपुर खीरी और अयोध्या जिलों में आगामी 2 से 3 दिनों तक बनी रह सकती है. माताटीला में भी 7 सितंबर तक पानी का बहाव अधिक रहने की उम्मीद है.
मध्य प्रदेश
गुना, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, छतरपुर और पन्ना जिलों में सिंध नदी का जलस्तर बढ़ने और उसमें तेज बहाव जारी रहने की उम्मीद है; साथ ही बेतवा, आसन, केन, उर्मिल और कुंवारी नदियों में भी तेज बहाव की संभावना है. सीधी, सिंगरौली और रीवा जिलों में टोंस, सोन, गोपद और मयार नदियों में तेज बहाव जारी रहेगा, हालांकि जलस्तर में मुख्य रूप से कमी का रुझान देखा जाएगा. बरगी बांध, इंदिरा सागर बांध, राजघाट और मड़ीखेड़ा में पानी की आवक (इन्फ्लो) बढ़ने का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है.
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