मध्य प्रदेश

सागर में जहरीली शराब सप्लाई में सक्रिय था यूपी का रैकेट, 12 के खिलाफ FIR


मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा इलाके में जहरीली शराब पीने से अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है. इस मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस पूरे मामले के तार उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से जुड़े हो सकते हैं. आरोप है कि ललितपुर में नकली शराब तैयार कर उसे असली ब्रांड की तरह पैक किया जाता था और फिर सागर के सीमावर्ती गांवों में सप्लाई किया जाता था. जहरीली शराब के मामले में फिलहाल 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.

पुलिस के मुताबिक, ललितपुर से सटे इलाकों में सक्रिय एक गिरोह नकली शराब तैयार करने का काम कर रहा था. पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि शराब को बोतलों में भरने के बाद उस पर असली ब्रांड जैसे दिखने वाले रैपर और ढक्कन लगाए जाते थे. इसके बाद बोतलों पर नकली क्यूआर कोड भी लगाए जाते थे, ताकि पहली नजर में शराब असली लगे.

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आरोप है कि तैयार शराब को गाड़ियों और बाइक के जरिए मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में भेजा जाता था. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह काम कितने समय से चल रहा था और इससे जुड़े लोग कितनी बड़ी मात्रा में शराब सागर पहुंचा चुके हैं.

बंडा के कई गांवों तक पहुंची सप्लाई

जांच में जिन जगहों का नाम सामने आया है, उनमें बांदरी, बढ़ोदिया, गूगरा खुर्ग, नौराज और बैराज समेत आसपास के कई गांव शामिल हैं. बताया जा रहा है कि ललितपुर में तैयार की गई शराब को इन इलाकों में कम कीमत पर खपाया जाता था.

पुलिस को शक है कि सीमावर्ती इलाकों की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर शराब की आवाजाही की जाती थी. अब जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि सागर में इस शराब को कौन लोग आगे बेचते थे और स्थानीय स्तर पर इसके लिए किस नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा था.

ललितपुर में भी दर्ज हुई FIR

इस मामले से जुड़े नकली और अवैध शराब के कारोबार को लेकर ललितपुर के कोतवाली थाने में भी एफआईआर दर्ज की गई है. इसमें नकली शराब बनाने, उसकी पैकिंग करने और असली ब्रांड के नाम पर बिक्री-सप्लाई की तैयारी का आरोप लगाया गया है.

मामले में उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 60 और 72, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2), 274, 319(2), 318(4), 338 और 336(3) के तहत कार्रवाई की गई है. इसके अलावा कॉपीराइट अधिनियम की धारा 54 और 63 भी लगाई गई हैं. एफआईआर में कई लोगों को आरोपी बनाया गया है और शराब के साथ पैकिंग से जुड़ा सामान बरामद होने का भी उल्लेख है.

ठेकेदार और कर्मचारी के कनेक्शन की भी जांच

जांच के दौरान ललितपुर निवासी रवि लखेरा, उसकी पत्नी शिवानी लखेरा, चंद्रेश लोधी और मोना राजा समेत कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं. पुलिस पूछताछ में इन लोगों पर नकली शराब तैयार करने और उसे अलग-अलग जगह भेजने में शामिल होने के आरोप सामने आए हैं.

वहीं, ललितपुर निवासी आकाश राय के सागर की बरेठा स्थित लाइसेंसी शराब दुकान में कर्मचारी होने की जानकारी भी सामने आई है. ऐसे में जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या उसका इस पूरे नेटवर्क से कोई सीधा संबंध था या नहीं. इसी तरह ललितपुर के एक ठेकेदार पर भी शराब सप्लाई से जुड़े होने का आरोप लगाया गया है.

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12 लोगों पर FIR, छापेमारी जारी

सागर में जहरीली शराब के मामले में फिलहाल 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने संदिग्धों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है. साथ ही बरामद शराब के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं. रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो सकेगा कि शराब में कौन सा पदार्थ मिला था और मौतों की असली वजह क्या रही.

घटना के बाद प्रशासन ने भी शराब की दुकानों और अवैध शराब के ठिकानों पर जांच तेज कर दी है. कुछ दुकानों को सील किए जाने की कार्रवाई की जानकारी भी सामने आई है. अब पुलिस का फोकस सिर्फ शराब बेचने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि ललितपुर से सागर तक फैले पूरे सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने पर है.



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