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सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद 115 साल पुरानी, बुलडोजर एक्शन पर क्यों मचा बवाल? पूरी कहानी | Saharanpur Collectorate Mosque Dispute History Uproar over Bulldozer Action



सहारनपुर:

पश्चिमी यूपी के सहारनपुर जिले की कलेक्ट्रेट परिसर में एक मस्जिद पर हुए बुलडोजर एक्शन को लेकर भारी बवाल मचा है. इलाके में तनाव की स्थिति है. पुलिस-प्रशासन की भारी मौजूदगी के बाद भी लोग अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. मौके पर जा रहीं सपा सांसद इकरा हसन को हाउस अरेस्ट किए जाने की बात भी सामने आई है. कुछ महीनों बाद यूपी में विधानसभा चुनाव होना है, इससे पहले मस्जिद गिराए जाने की कार्रवाई को लेकर सियासी माहौल गरमाने लगा है. समाजवादी पार्टी के साथ-साथ कांग्रेस ने भी प्रशासन की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं. कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी मस्जिद गिराए जाने की कार्रवाई को संविधान की धज्जियां उड़ाने वाला कदम बताया है.  

सिटी मजिस्ट्रेट ने मस्जिद को माना था अवैध

दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि सिटी मजिस्ट्रेट ने पिछले महीने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को अवैध मानते हुए उसके ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे. जिसके बाद मुस्लिम पक्ष ने इस आदेश को जिला एवं सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी. 

डीजे कोर्ट ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर स्टे दे दिया था. लेकिन शुक्रवार को डीजे कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की ओर से किए गए दावे को खारिज कर दिया. इसके बाद प्रशासन की ओर से मस्जिद को गिराए जाने की कार्रवाई शुरू की गई.

6 बुलडोजर मस्जिद तोड़ने में लगे हैं

मिली जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 4 बजे से सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को ढहाने की कार्रवाई शुरू हुई. मौके पर 6 बुलडोजर मस्जित तोड़ने में जुटे दिखे. मस्जिद के एक हिस्सा अभी तक गिराया जा चुका है. इस एक्शन को लेकर लोगों में गुस्सा है. जिसे देखते हुए 200 जवान तैनात हैं. 

पुलिस किसी को मस्जिद के पास जाने नहीं दे रही है. कार्रवाई के खिलाफ सहारनपुर आ रहीं कैराना सांसद इकरा हसन को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है.

कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद, पिछले साल दी गई थी शिकायत

यह मस्जिद सहरानपुर कलेक्ट्रेट में स्थित है. मस्जिद करीब 3000 स्क्वायर फीट में फैली है. 10 फरवरी 2025 को बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने मस्जिद को अवैध बताते हुए डीएम से शिकायत की थी. मस्जिद परिसर के कमरों और डाकघर से किराया वसूले जाने का आरोप लगाया गया. इसके बाद डीएम ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए. मजिस्ट्रेट की जांच में मस्जिद अवैध पाई गई.

जिसके बाद 24 मार्च, 2025 को प्रशासन ने नगर मजिस्ट्रेट कोर्ट में याचिका दायर की. 16 जुलाई, 2026 को कोर्ट ने मस्जिद को अवैध माना और उसे हटाने के साथ 6.41 करोड़ रुपए की हर्जाना वसूलने का आदेश दिया, कब्जेदारों को 30 दिन का समय दिया.

20 जुलाई को मस्जिद पक्ष ने मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ जिला कोर्ट में याचिका दाखिल की. 2 सितंबर को जिला जज सतेंद्र कुमार की कोर्ट ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए मस्जिद पक्ष की याचिका खारिज कर दी.

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद बोले- 1911 से पहले की मस्जिद

मस्जिद पर हुई ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “कल पूरी रात हमारे लोग जागते रहे, हम लगातार अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास करते रहे. मस्जिद को ध्वस्त नहीं किया गया है बल्कि वहां संविधान की धज्जियां उड़ाई गई हैं. संविधान में जो अधिकार दिए गए हैं, उन्हें रौंदा गया है. 

कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि यह मस्जिद 1911 से पहले की है, मस्जिद की मलकियत आज भी वहीद खान याकूब खां के नाम है. लेकिन हालात ये है कि सारी चीजें बताने के बावजूद सिटी मजिस्ट्रेट ने आदेश दिया और आदेश में 30 दिन का समय दिया गया. अभी 22 दिन और बचे थे. हाई कोर्ट में सभी चीजों को नजरअंदाज कर दिया गया.

उन्होंने आगे बताया कि रातों-रात चारों तरफ से मस्जिद का घेराव किया गया है. हम लड़ाई लड़ेंगे, देश के कानून के अनुसार लड़ाई लड़ेंगे. कोई दूसरा व्यक्ति इससे खुश नहीं होगा कि किसी का धर्म स्थल गिर गया. आज का दिन सहारनपुर के लोगों के लिए काला दिन है. हम लोग इस लड़ाई को मजबूती के साथ कानून के दायरे में रहकर लड़ेंगे.”

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