

नई दिल्ली:
यश की फिल्म ‘Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups’ बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई कर रही है. यह आम कमर्शियल एंटरटेनर नहीं है. यह गैंगस्टर ड्रामा फिल्म एक अलग अंदाज में पेश की गई है. हम यहां बता रहे हैं वो पांच कारण, जिससे कह सकते हैं कि यह अन्य मसाला फिल्मों से अलग है.
नई कहानी
Toxic’ घिसे-पिटे रास्ते पर नहीं चलती. यह कहानी कहने के मामले में बोल्ड है और अपनी कहानी को इस तरह से बनाती है कि धीरे-धीरे इसकी दुनिया और किरदारों की कई परतें खुलती हैं. यह फिल्म आम गैंगस्टर ड्रामा से आगे बढ़कर एक्शन, इमोशन, प्यार और परिवार को एक बड़े कैनवस पर दिखाती है.
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दोबारा देखना चाहेंगे
‘Toxic’ की कहानी कहने का तरीका कई परतों वाला और जानबूझकर जटिल है, जिसमें ऐसी बारीकियां, किरदारों की मंशा और कहानी के धागे हैं जो दूसरी बार देखने पर अलग तरह से समझ आ सकते हैं. यह एक ऐसी फिल्म है जो आपको इसकी दुनिया में दोबारा जाने और पूरी तस्वीर को समझने के लिए प्रेरित करती है.
कास्ट की दमदार एक्टिंग वाली फ़िल्म
यश लीड रोल में हैं, लेकिन फिल्म में बाकी कलाकारों के लिए भी बहुत कुछ है. नयनतारा अपने किरदार में निडरता और गहराई लाती हैं, कियारा आडवाणी गहरी छाप छोड़ती हैं, और हुमा कुरैशी ऐसी एक्टिंग करती हैं जो दिलो-दिमाग पर छा जाती है और दमदार है. वहीं, रुक्मिणी वसंत फिल्म के सबसे बड़े सरप्राइज में से एक बनकर उभरती हैं.
यश का एक अलग और नरम पहलू
हालांकि ‘Toxic’ में जबरदस्त तेवर और एक्शन है, लेकिन इसके रोमांटिक पल फिल्म को एक अलग आयाम देते हैं. कियारा के साथ यश के सीन उनके किरदार के एक नरम और संवेदनशील पहलू को दिखाते हैं, जिससे कहानी में भावनात्मक गहराई आती है. रोमांस को बहुत संयम के साथ दिखाया गया है, जिससे किरदारों के बीच की केमिस्ट्री और भावनाएं खुद-ब-खुद उभरकर सामने आती हैं.
इंटरनेशनल लेवल का एक्शन और शानदार सिनेमैटोग्राफी
‘Toxic’ में एक्शन को बहुत बड़े पैमाने पर दिखाया गया है और इसकी सिनेमैटोग्राफी फिल्म को एक अलग विजुअल पहचान देती है. फिल्म की विशाल दुनिया से लेकर इसके एक्शन सीन तक, इसका मकसद एक ऐसा सिनेमैटिक अनुभव देना है जो भव्य, दर्शकों को पूरी तरह बांध लेने वाला और आम फिल्मों से बिल्कुल अलग हो.





