
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता बढ़ाई है. एक महीने पहले ही उन्होंने अपनी कैबिनेट से भी कहा था कि उस भाषा में बात कीजिए, जो आज का नौजवान समझता है. अब एक महीने बाद कैबिनेट की बैठक हुई और जो रिपोर्ट कार्ड पेश किया गया, तो उसके नतीजे स्पष्ट बताते हैं कि मोदी सरकार ने अपनी बातचीत का तरीका काफी हद तक बदला है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इंस्टाग्राम पर सेल्फी-स्टाइल रील बनाकर अपने फॉलोअर्स की संख्या कई गुना बढ़ा ली है. वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के इकलौते ऐसे नेता हैं, जिनके इंस्टाग्राम पर 10.65 करोड़ फॉलोअर्स हैं. वहीं, 23 जुलाई से 31 जुलाई के बीच उन्होंने पांच सेल्फी-स्टाइल इंस्टाग्राम रील्स भी डालीं. इसके माध्यम से पीएम मोदी ने कुल 120 करोड़ व्यूज हासिल किए हैं.
पिछले एक महीने से प्रधानमंत्री ने लगातार कोशिश की कि रोज इंस्टाग्राम पर उनकी तरफ से एक सोशल मीडिया पोस्ट डाली जाए. इस तरह से उन्होंने अब तक 31 पोस्ट शेयर कर दी हैं और उनके 31 लाख नए फॉलोअर्स भी बने हैं.
वैसे प्रधानमंत्री मोदी के अलावा उनके मंत्रियों ने भी इस रणनीति पर अमल किया है. डेटा दिखाता है कि 29 में से 28 मंत्रियों ने इंस्टाग्राम पर अपनी सक्रियता बढ़ा ली है. अगर राजीव रंजन सिंह को छोड़ दिया जाए, तो बाकी सभी मंत्रियों ने इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं. 48 फीसदी तक का एक निर्णायक जंप देखने को मिला है.

13 जुलाई से 26 जुलाई के बीच मोदी कैबिनेट में कुल 797 पोस्ट डाली गई थीं, वहीं 11 अगस्त से 24 अगस्त के बीच यह आंकड़ा बढ़कर 1,179 तक पहुंच गया. इसका मतलब है कि औसतन हर केंद्रीय मंत्री ने 82 पोस्ट शेयर कीं और पिछले एक महीने के अंदर 80,993 नए फॉलोअर्स बनाए.
बात अगर नए फॉलोअर्स की करें, तो दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला है. कुछ मंत्रियों को काफी ज्यादा संख्या में नए फॉलोअर्स मिले, तो वहीं कुछ की स्थिति निराशाजनक रही. गृहमंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के फॉलोअर्स में बड़ी ग्रोथ देखने को मिली है.
वहीं, हैरानी की बात यह है कि इस दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ऐसे मंत्री रहे जिनके फॉलोअर्स पिछले एक महीने में गिर गए. उनके फॉलोअर्स की संख्या 66.91 लाख से गिरकर 66.65 लाख पहुंच गई. यानी उन्हें 26,080 फॉलोअर्स का नुकसान हुआ.
अगर उन पांच मंत्रियों की बात करें, जिन्होंने एक महीने के अंदर सबसे ज्यादा फॉलोअर्स कमाए हैं, तो इस लिस्ट में टॉप पर गृहमंत्री अमित शाह आते हैं. दूसरे पायदान पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर, तीसरे पायदान पर चंद्रकांत रघुनाथ पाटिल, चौथे पायदान पर प्रल्हाद जोशी और पांचवें नंबर पर पीयूष गोयल हैं.
वहीं, बात अगर उन नेताओं की करें, जिनके फॉलोअर्स या तो काफी कम बढ़े हैं या फिर गिर गए हैं, तो उस लिस्ट में सबसे पहले नाम नितिन गडकरी का आता है. दूसरे पायदान पर जीतन राम मांझी, तीसरे पायदान पर जुएल ओराम, चौथे पायदान पर मनोहर लाल खट्टर और पांचवें नंबर पर भूपेंद्र यादव हैं.
वैसे, ऐसा भी नहीं कहा जा सकता है कि जिस मंत्री ने ज्यादा पोस्ट की हों, उसी के फॉलोअर्स ज्यादा बढ़े हों. उदाहरण के तौर पर अमित शाह और जयशंकर की तरफ से क्रमशः 14 और 59 पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर की गई थीं. वहीं, नितिन गडकरी ने अकेले इस दौरान 70 गुना ज्यादा पोस्ट शेयर कीं, लेकिन उनके फॉलोअर्स गिर गए.
बात अगर डॉ. वीरेंद्र कुमार और गिरिराज सिंह जैसे मंत्रियों की करें, तो इन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी सक्रियता तो काफी ज्यादा बढ़ा दी, लेकिन उसके बाद भी उनके फॉलोअर्स में बहुत बड़ा जंप देखने को नहीं मिला.
वैसे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब से रील बनाने के लिए कहा है, कई मंत्री इसमें सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. उदाहरण के तौर पर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी लगातार कई मुद्दों पर रील्स के माध्यम से नौजवानों से जुड़ रहे हैं.
नेपोलियन कैट के डेटा के मुताबिक, भारत में 55 करोड़ इंस्टाग्राम यूजर्स हैं. इनमें 70 से 76 फीसदी ऐसे हैं, जिनकी उम्र 35 साल से कम है. वहीं, 2029 तक तो यह युवा पीढ़ी भारत की सबसे बड़ी आबादी बन जाएगी. अगर 2026 की पॉपुलेशन प्रोजेक्शन को देखें, तो 18 से 29 साल वाली युवा पीढ़ी कुल वोटिंग आबादी की 29.2 फीसदी रहने वाली है.





