मध्य प्रदेश

इंदौर: ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान खत्म, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड


नशे के खिलाफ इंदौर पुलिस का विशेष जनजागरूकता अभियान ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अब पूरा हो चुका है. 15 जुलाई से शुरू हुए इस अभियान का मकसद युवाओं के साथ-साथ समाज के हर वर्ग को नशे के नुकसान के बारे में जागरूक करना और लोगों को नशामुक्त समाज बनाने के लिए प्रेरित करना था. अभियान के दौरान इंदौर पुलिस ने आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए करीब 13 करोड़ लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाया.

इंदौर एसएएफ डीआईजी अमित सिंह ने बताया कि पुलिस पिछले दो साल से लगातार नशे के खिलाफ जागरूकता और कार्रवाई कर रही है. पुलिस की रणनीति मुख्य रूप से 3 चीजों पर टिकी है. पहला नशे की सप्लाई रोकना, दूसरा नशे की डिमांड कम करना और तीसरा आम लोगों को इसके खतरों के बारे में जागरूक करना.

रीवा: भारी बारिश ने खोली जल निकासी की पोल, घरों में घुसा पानी

रैली से लेकर मानव श्रृंखला तक कई कार्यक्रम

अभियान के दौरान शहर में मानव श्रृंखला, रैली और कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए. पुलिस उन इलाकों में भी पहुंची, जहां नशे की समस्या ज्यादा है. यहां लोगों और नशे के आदी लोगों से सीधे बातचीत की गई. जरूरतमंद लोगों को इलाज और पुनर्वास के लिए रिहैब सेंटर तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया.

अभियान में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और कलाकारों को भी जोड़ा गया. स्कूलों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बच्चों से बातचीत कर उन्हें ड्रग्स से दूर रहने के लिए जागरूक किया. इसके अलावा डिबेट, पेंटिंग प्रतियोगिता और नुक्कड़ नाटक जैसे कार्यक्रमों के जरिए भी नशे के खिलाफ संदेश दिया गया.

स्लम इलाकों में पहुंची पुलिस

इंदौर पुलिस ने स्लम और संवेदनशील इलाकों में भी जाकर लोगों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई. पुलिस ने इस शपथ का रिकॉर्ड भी तैयार किया है. डीआईजी अमित सिंह के मुताबिक अभियान को आम लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला. अब लोग नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचा रहे हैं, जिसके आधार पर कार्रवाई भी की जा रही है.

50, 60 और आज 65 रुपये! तीन दिन में चीनी के दाम बढ़े, फीका होगा रक्षाबंधन

वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम

इंदौर पुलिस के लिए यह अभियान एक बड़ी उपलब्धि भी लेकर आया. ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान के दौरान किए गए व्यापक जनजागरूकता प्रयासों के लिए इंदौर पुलिस का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया. पुलिस के मुताबिक यह उपलब्धि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता अभियान को एक नई पहचान देती है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button